कौन है मैथ्यू वैनडाइक? US का वो भाड़े का फाइटर, जो म्यांमार में उग्रवादियों को दे रहा था ट्रेनिंग: अब 11 दिनों की NIA के हिरासत में भेजा गया

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने एक बड़े आतंक-विरोधी अभियान में 13 मार्च 2026 को 7 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इनमें 6 यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागिरक शामिल है। 16 मार्च 2026 को दिल्ली की एक अदालत ने इन सभी को 11 दिनों की NIA की हिरासत में भेज दिया।

गिरफ्तार किए गए यूक्रेनी नागरिक के नाम हैं- हुरबा पेट्रो, स्लिवियाक तारास, इवान सुकमानोव्स्की, स्टेफानिक मारियन, होंचारुक मक्सिम और कामिन्स्की विक्टर। वहीं एक अमेरिकी नागरिक के नाम पर सोशल मीडिया पर चर्चा बनी रही कि वे मैथ्यू वैनडाइक हैं। यह नाम पहले भी कई देशों के संघर्ष और विद्रोही समूहों से जुड़ता रहा है। हालाँकि, गिरफ्तारी और हिरासत की खबर आने के कुछ समय बाद यह साफ भी हो गया कि पकड़ा गया अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक ही है।

जाँच में सामने आया है कि ये लोग मिजोरम के सीमावर्ती सुरक्षित इलाकों से छुपकर भारत में घुसे थे। इसके बाद ये म्यांमार गए, जहाँ इन्होंने पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय कुछ विद्रोही संगठनों से जुड़े हथियारबंद समूहों के साथ ट्रेनिंग की। इन पर यूरोप से बड़ी संख्या में ड्रोन लाने की योजना में शामिल होने के भी आरोप हैं।

कौन है मैथ्यू वैनडाइक?

मैथ्यू वैनडाइक के ‘एक्स‘ बायो के मुताबिक वे सन्स ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल (SOLI) नाम की संस्था के संस्थापक हैं। वैनडाइक पहले एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने वाले था, लेकिन बाद में खुद को एक लड़ाकू क्रांतिकारी के रूप में पेश करने लगे।

वैनडाइक खुद अपने पोस्ट में दावा कर चुके हैं कि वह पिछले 10 साल से दुनिया के सबसे खतरनाक इलाकों, जैसे सीरिया और लीबिया में काम कर चुके हैं। इससे यह भी पता चलता है कि अलग-अलग देशों और समूहों के बीच छिपे हुए रिश्ते कैसे काम करते हैं।

वैनडाइक ने यह संस्था साल 2014 में शुरू की थी, जब उनके दोस्त और अमेरिकी पत्रकार जेम्स फोली और स्टीवन सॉटलॉक को ISIS ने मार दिया था। यह संस्था कागजों में एक नॉन-प्रॉफिट संस्था है, लेकिन असल में यह एक प्राइवेट सिक्योरिटी कंपनी की तरह काम करती है, जो खुद को इंसानी मदद से जुडा हुआ भी बताती है।

SOLI से सरकार के खिलाफ विद्रोह के लिए तैयार करते है मैथ्यू

SOLI का काम आतंकवादी संगठनों और सख्त सरकारों से परेशान ‘कमजोर लोगों’ को मुफ्त में सामान, सैन्य ट्रेनिंग और सलाह देना है। इराक में अपने शुरुआत काम के दौरान SOLI ने ISIS से लड़ रहे अस्सीरी ईसाई समूह, निनेवे प्लेन प्रोटेक्शन यूनिट्स (NPU) को ट्रेनिंग दी थी।

संस्था का सबसे बड़ा काम पूर्वी यूरोप में देखने को मिला। जब साल 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला किया, तो वैनडाइक और उनकी टीम खुलकर यूक्रेन के समर्थन में आ गई। इसके बाद SOLI ने यूक्रेन की सेना को ट्रेनिंग देना, सलाह देना और जरूरी सामान देना शुरू कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वैनडाइक खुद भी यूक्रेन की सेना के साथ एक लड़ाकू के रूप में शामिल हुए थे।