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सूखे चावल-रोटी खाकर पेपर लीक के खिलाफ लड़ रहे झारखंड के छात्र, परीक्षा गड़बड़ियों को लेकर हजारों का प्रदर्शन: इन युवाओं से CJP ने क्यों मोड़ा मुँह?

NEET पेपर लीक मामले में केंद्र के खिलाफ प्रदर्शन करने के मामले में CJP का रवैया साफ तौर पर पक्षपाती रहा है, उन्होंने झारखंड के उन छात्रों का समर्थन नहीं किया है जो इसी तरह के मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

झारखंड में छात्रों का बड़ा आंदोलन देखने को मिल रहा है। राज्य में बार-बार पेपर लीक होने, जिम्मेदारी तय नहीं किए जाने और परीक्षाओं में हो रही देरी के खिलाफ हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। राज्य में बार-बार हो रही अनियमितताओं, खासकर झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं को लेकर छात्रों में लंबे समय से नाराजगी बढ़ रही है।

मौजूदा विरोध प्रदर्शन की शुरुआत इस साल की शुरुआत में हुए JPSC पेपर लीक के बाद हुई। JPSC परीक्षा पेपर लीक मामले में कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले के बाद JPSC के चेयरमैन लालबियाक्तलुआंगा (एल.) खियांग्ते ने इस्तीफा दे दिया था। CID उनसे JPSC परीक्षा में हुई अनियमितताओं को लेकर पूछताछ कर रही है।

मौजूदा विरोध प्रदर्शन 25 जुलाई को राजधानी राँची से शुरू हुआ और जल्द ही राज्य के करीब 24 जिलों तक फैल गया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों की माँग है कि जिम्मेदारी तय की जाए, भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी हो और शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार किए जाएँ। राँची का जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम इस प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बना हुआ है।

29 जुलाई को आंदोलन के आयोजकों ने ‘महाआंदोलन’ का ऐलान किया और छात्रों से अपील की कि वे राज्य के हर जिले से राजधानी तक संविधान मार्च निकालें। इस अपील के बाद करीब 5,000 छात्र राँची में सड़कों पर उतरे। छात्रों ने हाथों में भारतीय संविधान की प्रतियाँ और तिरंगा लेकर शांतिपूर्वक मार्च किया। प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी है। प्रदर्शन स्थल के आसपास कई जगहों पर बैरिकेड्स भी लगाए गए हैं।

परीक्षाओं में बार-बार हो रही गड़बड़ियों से छात्रों में नाराजगी

झारखंड के छात्र लंबे समय से राज्य में होने वाली कई भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं का सामना कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर छात्र मध्यम वर्ग और निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों से आते हैं। इन परिवारों के लिए सरकारी नौकरी सिर्फ कमाई का जरिया नहीं बल्कि खुद और अपने परिवार की स्थिति बेहतर करने की उम्मीद भी होती है।

हाल के समय में राज्य में JSSC CGL, JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, एक्साइज कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा, JAC कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा और NEET UG समेत कई परीक्षाओं में अनियमितता, पेपर लीक, सुरक्षा से जुड़ी चिंताएँ और धोखाधड़ी के आरोप सामने आए हैं।

2023 में JSSC CGL परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। पेपर लीक होने के बाद इस परीक्षा को रद्द करना पड़ा था। मामला हाई कोर्ट तक पहुँचा, जिसके बाद दोबारा परीक्षा कराई गई। इस मामले में CID जाँच भी शुरू की गई थी।

इसी तरह JAC की कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा भी विवादों में आई थी। हिंदी और विज्ञान के पेपर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दोनों परीक्षाओं को रद्द कर दोबारा आयोजित किया गया। बाद में NEET UG पेपर लीक मामले की भी जाँच शुरू की गई।

ये उन कई परीक्षाओं में से कुछ उदाहरण हैं जिनमें किसी न किसी तरह की अनियमितता सामने आई। इन परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों का अब धैर्य जवाब दे चुका है और वे जिम्मेदारी तय करने के साथ-साथ शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में सुधार की माँग कर रहे हैं।

छात्रों के समर्थन में उतरी BJP

झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में BJP भी सामने आई है। शुक्रवार (31 जुलाई 2026) को पेपर लीक के मुद्दे पर बोलते हुए BJP के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू ने राज्य में छात्रों के आंदोलन को लेकर कॉन्ग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी केंद्र सरकार के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन का खुलकर समर्थन करती है लेकिन झारखंड में इसी तरह के प्रदर्शन को लेकर चुप्पी साधे हुए है।

साहू ने कहा, “जब से कॉन्ग्रेस के समर्थन से झारखंड में सरकार चल रही है, तब से JPSC और JSSC-CGL समेत कई परीक्षाओं से पहले बड़े स्तर पर प्रश्नपत्र लीक हुए हैं। इस बार भी JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए लेकिन वहाँ की सरकार गहरी नींद में सोई हुई है।”

BJP प्रदेश अध्यक्ष ने कॉन्ग्रेस के समर्थन वाली झारखंड सरकार पर परीक्षा से जुड़े घोटालों में मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस के समर्थन वाली सरकार ऐसे घोटालों में सीधे तौर पर शामिल है और वह युवाओं से रोजगार के अवसर छीन रही है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कॉन्ग्रेस पार्टी दिल्ली में प्रदर्शन कर रही है लेकिन झारखंड में कॉन्ग्रेस के नेता चुप्पी साधे हुए हैं।”

BJP ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की माँग की है। पार्टी का कहना है कि परीक्षाओं में बार-बार हो रही अनियमितताओं पर कार्रवाई करने में हेमंत सोरेन सरकार की विफलता के कारण जनता का उन पर भरोसा कम हुआ है।

CJP और विपक्ष दोनों आंदोलन से गायब

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक को लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया था। इस पेपर लीक के बाद धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था। लेकिन झारखंड में छात्रों के चल रहे आंदोलन से CJP गायब है। झारखंड में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और आदिवासी छात्र संघ (ACS) समेत अलग-अलग छात्र संगठनों के सदस्य प्रदर्शन में शामिल हुए हैं लेकिन CJP ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है।

झारखंड में हो रहे प्रदर्शन का एक वीडियो CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन से बिल्कुल अलग तस्वीर दिखाता है। इस वीडियो में प्रदर्शनकारी सिर्फ सादा चावल और रोटी खाते हुए दिखाई दे रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल रहते हुए वे पिछले 3 दिनों से यही साधारण खाना खा रहे हैं। इसके उलट, जंतर-मंतर पर हुआ CJP का प्रदर्शन एक तरह से फूड फेस्ट बन गया था। वहाँ अलग-अलग संगठनों और समूहों की ओर से लगातार नाश्ता और खाना परोसा जा रहा था। कुछ लोग तो प्रदर्शन स्थल पर सिर्फ मुफ्त में बाँटी जा रही बिरयानी, पिज्जा और इस तरह के दूसरे खाने को खाने के लिए भी पहुँचे थे।

जंतर-मंतर पर कुछ समूहों ने सामुदायिक रसोई और लंगर लगाए थे जबकि कुछ दूसरे लोग अपने घर का बना हुआ खाना लेकर आए थे। इतना ही नहीं, दिल्ली से बाहर और यहाँ तक कि भारत से बाहर रहने वाले लोगों ने भी फूड डिलीवरी सेवाओं के जरिए प्रदर्शन स्थल पर खाना भिजवाया था। यानी CJP के प्रदर्शन के दौरान खाना भरपूर मात्रा में उपलब्ध था जबकि झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्र खाने के लिए परेशान हैं और उनके पास खाने के लिए कुछ नहीं है।

NEET पेपर लीक मामले में केंद्र के खिलाफ प्रदर्शन करने के मामले में CJP का रवैया साफ तौर पर पक्षपाती रहा है, उन्होंने झारखंड के उन छात्रों का समर्थन नहीं किया है जो इसी तरह के मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। परीक्षाओं में अनियमितता का मुद्दा पूरे देश में रहा है लेकिन NEET पेपर लीक को लेकर छात्रों के गुस्से के सहारे खुद को छात्रों की पार्टी के तौर पर पेश करने वाली CJP ने झारखंड के छात्रों की परेशानी से पूरी तरह आँखें मूंद ली हैं। वहीं, जिन विपक्षी दलों ने जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन का खुलकर समर्थन किया था, वे भी झारखंड की स्थिति पर सुविधाजनक तरीके से चुप्पी साधे हुए हैं।

(यह खबर मूल रूप से अंग्रेजी में लिखी गई है जिसे इस लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं)

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