ईरान जहाँ बैठ करता था ‘हॉर्मुज स्ट्रेट’ से गुजरने वाले ऑयल टैंकरों पर हमला, उन्हीं मिसाइल केंद्रों पर अमेरिका ने गिराए 2267 किलो के ‘बंकर बस्टर’ बम: रक्षा मंत्री की भी मौत की पुष्टि

दुनिया भर में तेल की सप्लाई करने वाला मार्ग हॉर्मूज स्ट्रेट को खुलवाने के लिए अमेरिका ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। उसने 5000 पाउंड यानी 2267 किलो के ‘बंकर बस्टर’ बमों का इस्तेमाल किया है।

ये बम कंक्रीट की मोदी दीवारों को भेद कर उसके नीचे मौजूद दुश्मनों को मारने की क्षमता रखता है। इस एक बम की कीमत करीब 2.88 लाख डॉलर होती है। अमेरिका के पास इससे भी बड़े बंकर बस्टर बम मौजूद हैं।

अमेरिकी सेना ने ईरान के उन मिसाइल अड्डों पर हमला किया, जहाँ से हॉर्मूज स्ट्रेट में आने जाने वाले ऑयल टेंकरों को निशाना बनाया जा रहा है।

ईरान में इजराइल के हमलों में नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के चीफ और खामेनेई के बाद सबसे ताकतवर शख्स अली लारीजानी की मौत हो गई है। लारीजानी सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव थे और कहा जाता था कि पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के मारे जाने के बाद पर्दे के पीछे से वही ईरानी युद्ध का नेतृत्व कर रहे थे। लाराजानी की मौत की पुष्टि ईरान ने कर दी है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स पर इसकी जानकारी दी है। उसके मुताबिक, यूएस सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के समुद्र के किनारे मजबूत मिसाइल साइटों पर 5000 पाउंड के कई ‘डीप पेनिट्रेटर’ गोला-बारूद का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया। इन साइटों पर मौजूद ईरान की क्रूज मिसाइलों से स्ट्रेट ऑफ हॉमूज में होने वाली अंतर्राष्ट्रीय जहाज़ों की आवाजाही को खतरा था।

इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने हॉर्मूज स्ट्रेट को खुलवाने में मदद के लिए नाटो और उसमें शामिल देशों ऑस्ट्रेलिया, जापान और यहाँ तक की चीन से भी गुहार लगाई थी। लेकिन ज्यादातर देशों ने ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने से इनकार कर दिया। दुनिया की करीब 20 फीसदी तेल की सप्लाई हॉर्मूज स्ट्रेट से होती है।

अमेरिका इस युद्ध में खुद को अकेला महसूस कर रहा है। उसने नाटो को ‘देख लेने’ की धमकी भी दी थी। उन्होंने कहा कि नाटो देशों की अमेरिका हमेशा मदद करता रहा, लेकिन जब छोटा सा जहाज भेजने के लिए कहा, तो वे तैयार नहीं हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि वे यह लड़ाई दुनिया के लिए लड़ रहे हैं।