असम विधानसभा चुनाव से पहले सोशल मीडिया पर एक भ्रामक दावा तेजी से फैलाया जा रहा है। इसमें कहा जा रहा है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने असम में अपनी पार्टी के कार्यालय में ही तोड़फोड़ की है।
इस फर्जी दावे की शुरुआत कॉन्ग्रेस प्रवक्ता रीतम सिंह ने की। उन्होंने शुक्रवार (20 मार्च 2026) को एक ट्वीट में आरोप लगाया, “भाजपा के 90 टिकटों में से 30 पूर्व कॉन्ग्रेस नेताओं को दिए जाने के बाद पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ हुई।”
उन्होंने आगे दावा किया कि “जन आक्रोश के चलते देर रात गुवाहाटी में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ एक आपात बैठक हुई। भाजपा असम के उपाध्यक्ष जयंता कुमार दास ने भी विरोध जताते हुए हिमंता सरमा को चुनौती दी कि वे उनके दिसपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित वाजपेयी भवन मुख्यालय में आकर दिखाएँ।”
BJP Party Office vandalised after 30 of the 90 BJP tickets were given to ex- Congress people
— Reetam Singh (@SinghReetam) March 20, 2026
Late night emergency meeting in Guwahati by @himantabiswa against public out cry of @BJP4Assam Vice President Jayanta Kumar Das
He has threatened Himanta to dare to enter Vajpayee… pic.twitter.com/8utAqN6MQS
क्या हैं रीतम के दावे?
रीतम सिंह ने अपने दावों को आगे बढ़ाते हुए कहा, “पुराने भाजपा-RSS कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विरोध कर रहे हैं। भारतीय जनता युवा मोर्चा के बड़े पैमाने पर इस्तीफे हो रहे हैं, क्योंकि उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज किया गया जबकि कॉन्ग्रेस पृष्ठभूमि से आए युवा नेताओं को 10 टिकट दिए गए।”
उन्होंने आगे और भी आरोप लगाते हुए कहा, “भाजपा के पुराने विधायक और नेता खुले तौर पर हिमंता को चोर और ‘सिंडिकेट माफिया’ कह रहे हैं। स्थिति संभालने के लिए अमित शाह को दखल देना पड़ा है। वहीं, सरबानंद सोनोवाल दिल्ली से हिमंत के चुनावी भविष्य के खिलाफ तख्तापलट की योजना बना रहे हैं।”
रीतम सिंह द्वारा असम भाजपा और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को लेकर फैलाए गए इन झूठे और साजिशपूर्ण दावों को सोशल मीडिया पर कई लोगों ने आगे बढ़ाया। इनमें वामपंथी झुकाव वाले प्रोपेगेंडा पोर्टल ‘द वायर’ के संस्थापक संपादक MK वेणु भी शामिल रहे।
फर्जी खबर को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने दावा किया, “बीजेपी के भीतर जो हो रहा है, उसे कोई टीवी चैनल नहीं दिखाएगा। अगर यही कॉन्ग्रेस में हुआ होता, तो मीडिया अब तक इसे राहुल गाँधी के लिए बड़ा झटका बता चुका होता।”

हालाँकि, हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। जिस घटना को असम का बताया जा रहा था, वह वहाँ हुई ही नहीं थी। दरअसल, यह घटना सोमवार (16 मार्च 2026) को पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में हुई थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता उस समय नाराज हो गए जब चुनावी टिकट परितोष रॉय को दिया गया, जिन्हें सत्तारूढ़ तृणमूल कॉन्ग्रेस सरकार के करीबी नेता के तौर पर देखा जाता है।
The proprietor of @thewire_in , Shri @mkvenu1 amplifies a fake news of Cong’s Miya IT cell. Even after being told that the location is not Assam, the ‘editor’ continues to keep his tweet .
— Pijush Hazarika (@Pijush_hazarika) March 21, 2026
Does Cong now pay @svaradarajan to run a fake news outlet ? pic.twitter.com/plRSNsjmwW
हालाँकि, इसके बावजूद कॉन्ग्रेस इकोसिस्टम ने इस घटना को संदर्भ से बाहर निकालकर असम भाजपा और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को निशाना बनाने के लिए हथियार की तरह इस्तेमाल करना जारी रखा।

