मणिपुर में शांति बहाली के लिए सुरक्षाबलों ने एक बड़ा और समन्वित अभियान चलाकर प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों की कमर तोड़ दी है। 22 और 23 मार्च को राज्य के सीमावर्ती और भीतरी इलाकों में की गई छापेमारी में अलग-अलग गुटों के 25 से अधिक सक्रिय कैडरों को गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, पकड़े गए उग्रवादियों में सीनियर और मिड-लेवल के ऑपरेटिव्स के साथ-साथ कुछ नाबालिग भी शामिल हैं। इनके पास से इंसास राइफलें, जिंदा कारतूस और लाखों की नकदी बरामद हुई है।
बॉर्डर से लेकर शहर तक ताबड़तोड़ छापेमारी
सुरक्षाबलों ने 23 मार्च को भारत-म्यांमार सीमा के पास टेंगनौपाल जिले में बड़ी कार्रवाई की। यहाँ ‘मोरेह’ थाना क्षेत्र के पिलर संख्या 77 और 82 के बीच से प्रतिबंधित संगठन PREPAK (RA) के 10 सदस्यों को पकड़ा गया, जिनमें 5 नाबालिग भी हैं।
On 23.03.2026, security forces arrested 10 (ten) active cadres of PREPAK (RA) including 05 (five) juveniles from Indo-Myanmar Border between border pillar number 77 and 82 under Moreh-PS, Tengnoupal district:
— Manipur Police (@manipur_police) March 23, 2026
i.Keithellakpam Shanjit Singh alias Loichingba (34) of Phougakchao… pic.twitter.com/2TaLphIwH6
इसके अलावा, इम्फाल ईस्ट और इम्फाल वेस्ट के अलग-अलग इलाकों से KCP (अपुनबा), KCP (नोंगद्रेनखोम्बा) और PREPAK (PRO) के सक्रिय सदस्यों को उनके घरों से दबोचा गया। पुलिस ने इनके पास से मोबाइल फोन और सिम कार्ड जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल नेटवर्क चलाने के लिए किया जा रहा था।
हथियारों का जखीरा और रसद बरामद
थौबल जिले के नोंगपोक सेकमाई इलाके में हुई एक और बड़ी कार्रवाई में प्रतिबंधित संगठन UNLF (K) के 14 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से सुरक्षाबलों को 2 इंसास राइफलें, अलग-अलग हथियारों की 13 मैगजीन, 100 राउंड गोलियाँ, 12 मोबाइल फोन और 5 हेलमेट मिले हैं।
On 22.03.2026, Manipur Police arrested 14 (fourteen) cadres of UNLF (K) from the general area of Haokhong under Nongpok Sekmai-PS, Thoubal district:
— Manipur Police (@manipur_police) March 23, 2026
i.Nameirakpam Kondum Meitei @ Lanheiba (46) of Khumbong Makha Leikai, Imphal West district,
ii.Sorokhaibam Rosesh @ Kangleipuba @… pic.twitter.com/txfkq1CtcN
साथ ही 1 लाख रुपए नकद और 4 गाड़ियाँ भी जब्त की गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में रसद और नकदी का मिलना यह दर्शाता है कि ये संगठन एक बड़ा ऑपरेशनल नेटवर्क चला रहे थे।
दो साल से जारी है ‘सर्च ऑपरेशन’
मणिपुर में दो साल पहले शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद से ही सुरक्षाबल लगातार उग्रवादी नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटे हैं। बिष्णुपुर जिले से KYKL कैडर पेबम संजीत सिंह और इम्फाल ईस्ट से KCP (PWG) के कैडर को भी हिरासत में लिया गया है। सुरक्षा अधिकारियों ने साफ किया है कि भारत-म्यांमार सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है और आने वाले दिनों में उग्रवाद के खिलाफ ऐसे और भी कड़े एक्शन देखने को मिल सकते हैं।

