प्रयागराज पुलिस ने एक बड़े जालसाज गिरोह को पकड़ते हुए नकली नोटों की फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे काले कारोबार का सरगना समाजवादी पार्टी (सपा) का नेता विवेक यादव निकला है, जो देवरिया में जाली नोट छापने का काम कर रहा था।
पुलिस ने सपा नेता समेत गिरोह के 5 अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो ग्रामीण बाजारों में 500 और 100 रुपए के नकली नोट खपाने की फिराक में थे। इनके पास से ₹1,18,300 के जाली नोट और नोट छापने वाली मशीनें बरामद हुई हैं।
देवरिया के कमरे में छप रहे थे नोट
जानकारी के अनुसार, यह गैंग देवरिया के एक कमरे में छिपकर जाली नोट तैयार कर रहा था। गैंग का मुखिया विवेक यादव सपा के टिकट पर वार्ड नंबर 16 से जिला पंचायत का चुनाव भी लड़ चुका है।
ये लोग देवरिया और भदोही से नकली नोट लेकर प्रयागराज के छोटे और ग्रामीण बाजारों में उन्हें चलाने के लिए आए थे। पुलिस ने इनके पास से 500 रुपए के 200 नोट और 100 रुपए के 183 नोट के साथ लैपटॉप, प्रिंटर, थार जीप और बाइक भी जब्त की है।
शानो-शौकत वाली जिंदगी और संदिग्ध गतिविधियाँ
स्थानीय लोगों के अनुसार, सपा नेता विवेक यादव की गतिविधियाँ पिछले 6 साल से संदिग्ध थीं। वह थार और बुलेट जैसी महँगी गाड़ियों में घूमता था और अक्सर उसके घर देर रात तक पार्टी चलती थी, जिसमें बिहार की गाड़ियाँ भी आती थीं।
वह इस बार भी चुनाव लड़ने की तैयारी में था और इलाके में अपनी पैठ बनाने के लिए धार्मिक आयोजनों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता था। पुलिस ने उसे देवरिया के गौरीखुर्द स्थित उसके घर से दबोचा है।
ऐसे बिछाया पुलिस ने जाल
सराय इनायत थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने हबूसा मोड़ के पास घेराबंदी कर इस गैंग को तब पकड़ा जब ये नोट खपाने की कोशिश में थे। गिरफ्तार अभियुक्तों में राहुल यादव, विवेक कुमार यादव (भदोही), नरेंद्र यादव और धर्मेंद्र कुमार (देवरिया) शामिल हैं।
इनमें से धर्मेंद्र और विवेक कुमार पर पहले से भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने की कोशिश कर रही है ताकि यह पता चल सके कि इन्होंने अब तक बाजार में कितने नकली नोट फैलाए हैं।

