हिंदू देवी काली माता का मजाक उड़ाने वाले चार मुस्लिम आरोपितों की जम्मू कोर्ट के भीतर वकीलों के समूह ने हमला किया। प्रत्यक्षदर्शियों ने हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि कोर्ट के भीतर फर्श पर खून की छींटें फैली हुई थीं। अफरा-तफरी होने के चलते मामले से संबंधित जस्टिस तुरंत कोर्टरूम से बाहर निकल गए।
दरअसल, यह मामला एक वीडियो से संबंधित है, जिसमें कुछ लोग देवी काली से जुड़ी धार्मिक प्रथाओं का मजाक उड़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद बजरंग दल के अध्यक्ष राकेश बजरंग ने हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोप में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के आधार पर मोहम्मद आरिफ, शाहिद, यूनुस, इमरान और वीडियो रिकॉर्ड करने वाले आसिफ को 5,6 और 8 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें से आसिफ को छोड़कर बाकी चारों आरोपितों को 16 मार्च 2026 को अंतरिम जमानत मिल गई। बुधवार (01 अप्रैल) को चारों आरोपितों को निचली अदालत में पेश किया गया था, जहाँ इस बात का फैसला होना था कि क्या इनकी अंतरिम जमानत को स्थायी कर दिया जाए या नहीं, तभी अचानक यह हमला हो गया।

