पाकिस्तान से आया था चंडीगढ़ के BJP दफ्तर पर फेंका गया ‘सुपर किलर’ ग्रेनेड, 2 संदिग्ध गिरफ्तार: बब्बर खालसा ने ली हमले की जिम्मेदारी

चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब BJP मुख्यालय पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है। पंजाब पुलिस की क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (CIA) ने रूपनगर के मोरिंडा क्षेत्र से दो मुख्य संदिग्धों, अमन सिंह उर्फ भोलू और गुरतेज सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।

पकड़े गए दोनों आरोपित रत्तनगढ़ गाँव के रहने वाले हैं। 1 अप्रैल 2026 को हुए इस विस्फोट के बाद से ही पूरी ट्राईसिटी में हाई अलर्ट जारी था। जाँच में खुलासा हुआ कि हमले में इस्तेमाल किया गया ग्रेनेड बेहद घातक श्रेणी का था।

शुरुआती इनपुट के अनुसार, यह चीन निर्मित P-86 मॉडल या पाकिस्तान का GHD2P हैंड ग्रेनेड हो सकता है। यह विस्फोटक इतना शक्तिशाली है कि 5 से 10 मीटर के दायरे में किसी की भी जान ले सकता है, जबकि इसके छर्रे 25 मीटर दूर तक नुकसान पहुँचाते हैं। सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि यह ‘सुपर किलर’ ग्रेनेड ड्रोन के जरिए सीमा पार पाकिस्तान से भारत भेजा गया था।

वारदात और फरार होने का ‘स्कूटर प्लान’

बुधवार (1 अप्रैल 2026) को आतंकियों ने करीब 30 फीट की दूरी से भाजपा कार्यालय के मुख्य गेट पर ग्रेनेड फेंका। धमाका इतना जोरदार था कि वहाँ खड़ी गाड़ियों के शीशे चकनाचूर हो गए। हमले के तुरंत बाद आरोपित सेक्टर-24 की ओर भागे, जहाँ उन्होंने पहले से ही एक स्कूटर छिपा कर रखा था। सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि स्कूटर से भागने के बाद वे बस के जरिए फरार होने की फिराक में थे।

इस हमले की जिम्मेदारी खालिस्तानी आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के सुखजिंदर सिंह बब्बर ने ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस की क्राइम ब्रांच और ऑपरेशन सेल की टीमें पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन गिरफ्तार युवाओं को फंडिंग और निर्देश कहाँ से मिल रहे थे।