हथियार तस्कर शाहबाज अंसारी अब ‘आतंकी’ घोषित, दिल्ली पुलिस ने लगाया UAPA: सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी आया था नाम

भारत के सबसे बड़े और कुख्यात हथियार डीलर शाहबाज अंसारी पर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने UAPA (आतंकवाद विरोधी कानून) लगा दिया है। शाहबाज वही शख्स है जिसका नाम सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में हथियारों की सप्लाई के लिए आया था। फिलहाल वह पुलिस को चकमा देकर बांग्लादेश में छिपा बैठा है और वहीं से भारत में हथियारों की बड़ी खेप भेज रहा है।

विदेशी हथियारों के जखीरे में शाहबाज का हाथ

न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, 25 मार्च को दिल्ली पुलिस ने ब्राजील, जर्मनी और टर्की से आए आधुनिक हथियारों की एक बड़ी खेप बरामद की थी। इसमें AK-47, घातक पिस्तौलें और भारी मात्रा में कारतूस शामिल थे। इस मामले में पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया था।

पूछताछ में खुलासा हुआ था कि यह पूरा जखीरा बांग्लादेश में बैठे शाहबाज अंसारी ने ही भारत भिजवाया था। इसी के बाद पुलिस ने शाहबाज और उसके साथियों पर UAPA की धाराएँ जोड़ दी हैं।

मूसेवाला मर्डर से लेकर गैंगस्टर तक सप्लाई

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का रहने वाला शाहबाज अंसारी कोई मामूली अपराधी नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हथियारों की तस्करी करने वाले एक बहुत बड़े गिरोह का सरगना है। उसका नाम पहली बार तब चर्चा में आया जब मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या हुई।

NIA की जाँच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ था कि मूसेवाला के हत्यारों को वारदात में इस्तेमाल किए गए घातक हथियार शाहबाज ने ही मुहैया कराए थे। शाहबाज पहले भी गिरफ्तार हो चुका था, लेकिन उसने अपनी बीवी की बीमारी का बहाना बनाकर कोर्ट से जमानत हासिल की।

इसके बाद वह पेरोल का फायदा उठाकर पुलिस की आँखों में धूल झोंकते हुए देश छोड़कर फरार हो गया। जाँच एजेंसियों के मुताबिक, शाहबाज के संबंध पाकिस्तान और खाड़ी देशों से हैं, जहाँ से वह आधुनिक विदेशी हथियार मँगवाता है और फिर उन्हें भारत के अलग-अलग गैंगस्टरों और अपराधी गिरोहों तक पहुँचाता है।

पूरा खानदान तस्करी के धंधे में शामिल

जाँच एजेंसियों के मुताबिक, शाहबाज का पूरा परिवार लंबे समय से हथियारों की तस्करी से जुड़ा है। बुलंदशहर और आसपास के इलाकों में उसके कई गुर्गे सक्रिय हैं जो हथियारों को छुपाने और आगे पहुँचाने का काम करते हैं। उसने पिछले कुछ सालों में सैकड़ों AK-47 और हजारों कारतूस भारत के अलग-अलग गैंग्स तक पहुँचाए हैं।

अब दिल्ली पुलिस और NIA मिलकर शाहबाज की तलाश कर रही हैं। UAPA लगने के बाद अब उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी है। भारतीय एजेंसियों को पक्की खबर मिली है कि वह बांग्लादेश के किसी सुरक्षित ठिकाने पर है। जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग लेकर उसे भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।