इंस्टा इन्फ्लुएंसर बनकर बैठी थी आतंकी सईदा बेगम, हकीकत में थी ISIS के ‘खवातीन’ संगठन की हेड: हैदराबाद से हुई गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कई खुलासे

आंध्र प्रदेश पुलिस द्वारा 25 मार्च 2026 को गिरफ्तार हुई हैदराबाद की 38 वर्षीय इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर सईदा बेगम को लेकर चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। करीब 38 हजार फॉलोअर्स वाली सईदा पर आरोप है कि वह अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल से जुड़ी थी और महिलाओं की एक अलग आतंकी विंग ‘खवातीन’ खड़ी करने की तैयारी में थी।

यह कार्रवाई विजयवाड़ा में पकड़े गए बड़े मॉड्यूल के तहत की गई है, जिसकी जाँच अभी जारी है। विजयवाड़ा पुलिस और आंध्र प्रदेश काउंटर-इंटेलिजेंस की अगुवाई में चले इस ऑपरेशन में अब तक 6 राज्यों से 12 संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 

ऑनलाइन कट्टरपंथ और 42 महिलाओं की भर्ती का आरोप

पुलिस जाँच में सामने आया है कि सईदा बेगम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उसने ISIS और AQIS से जुड़े ऑनलाइन ग्रुप्स के माध्यम से 42 महिलाओं को नेटवर्क में जोड़ा था।

FIR के अनुसार, इन ग्रुप्स में अल-कायदा के आतंकी ओसामा बिन लादेन के Video और जाकिर नाइक व इसरार अहमद जैसे कट्टरपंथी प्रचारकों के भाषण साझा किए जाते थे। जाँच एजेंसियों का कहना है कि सईदा इन ग्रुप्स में जिहादी सामग्री साझा करने के लिए लोगों को प्रेरित करती थी और युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश करती थी।

‘खवातीन’ विंग बनाने और हमलों की साजिश

पुलिस के मुताबिक, सईदा को ‘खवातीन’ नाम की महिला आतंकी विंग का नेतृत्व करने के लिए तैयार किया जा रहा था। इस विंग के तहत महिलाओं को हथियार चलाने, स्नाइपर राइफल्स और विस्फोटकों के इस्तेमाल की ट्रेनिंग देने की योजना थी, ताकि देशभर में आतंकी हमले किए जा सकें।

इंटेलिजेंस इनपुट्स के अनुसार, इस मॉड्यूल के तार पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स और ISIS व AQIS जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े हुए हैं। सईदा इस नेटवर्क के मुख्य आरोपित रहमतुल्लाह शरीफ के साथ काम कर रही थी, जिसे 24 मार्च 2026 को विजयवाड़ा से अरेस्ट किया गया था।

साधारण जीवन से सोशल मीडिया तक, फिर जाँच के घेरे में

सईदा बेगम हैदराबाद के चंचलगुड़ा इलाके की रहने वाली है और अपने अम्मी-अब्बू व छह साल के बेटे के साथ एक छोटे किराए के घर में रहती थी। शौहर से अलग होने के बाद वह घरेलू काम करके परिवार का खर्च चलाती थी।

सोशल मीडिया पर उसने शुरुआत में घर में खाना बनाते हुए रील्स बनाईं, बाद में स्थानीय टेलर्स और छोटे व्यवसायों के प्रमोशनल वीडियो बनाकर 500 से 1000 रुपए तक कमाने लगी। पड़ोसियों के अनुसार, वह ज्यादातर समय फोन पर ही बिताती थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जाँच कर इस अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।