होर्मुज स्ट्रेट से क्यों लौटे 2 भारतीय जहाज, सामने आया बातचीत का ऑडियो: भारत सरकार ने ईरान के राजदूत को लगाई फटकार, मिडिल ईस्ट में तनाव बरकरार

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाजों पर हुई फायरिंग की घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत  मोहम्मद फताअली को तलब कर इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई और साफ कहा कि भारतीय जहाजों व नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

विदेश सचिव ने यह भी याद दिलाया कि पहले ईरान भारत आने वाले जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने में सहयोग करता रहा है और अब उसी व्यवस्था को जल्द बहाल किया जाना चाहिए। ईरानी राजदूत ने भारत की चिंताओं को अपने देश तक पहुँचाने का भरोसा दिया है।

ऑडियो क्लिप में क्रू मेंबर की नाराजगी आई सामने

इस घटना के बीच एक ऑडियो क्लिप सामने आई है, जिसने हालात की गंभीरता को और स्पष्ट कर दिया है। इसमें एक भारतीय जहाज का क्रू मेंबर समुद्री अधिकारियों से नाराजगी जताते हुए सुनाई दे रहा है। वायरल ऑडियो क्लिप में वह कहता है, “आपने मुझे रास्ता दिया और अब फायरिंग कर रहे हैं, मुझे वापस मुड़ने दीजिए।”

यह ऑडियो उस समय की अफरातफरी और भ्रम की स्थिति को दिखाता है, जब समुद्र में मौजूद जहाजों को स्पष्ट निर्देश नहीं मिल रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ जहाजों को रेडियो पर यह भी संदेश मिला कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद किया जा सकता है, जिससे डर और बढ़ गया।

2 भारतीय जहाजों पर हुई थी फायरिंग

जानकारी के मुताबिक, भारतीय ध्वज वाले दो जहाज, जिनमें एक विशाल क्रूड ऑयल टैंकर (VLCC) भी शामिल था, ओमान के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे थे, तभी उनके आसपास अचानक फायरिंग शुरू हो गई। बताया गया कि ये गोलियाँ पास में चल रही स्मॉल आर्म्स फायरिंग का हिस्सा थीं, जो जहाजों तक पहुँच गईं।

कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि ईरान से जुड़े गनबोट्स जहाजों के करीब आए और फायरिंग की, हालाँकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना में किसी भी क्रू मेंबर को चोट नहीं आई, लेकिन जहाजों को हल्का नुकसान हुआ। स्थिति को देखते हुए ‘जग अर्नव’ और ‘सनमार हेराल्ड’ जहाज को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा।