केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में शुक्रवार (24 अप्रैल 2026) को एक जनसभा में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला। अमित शाह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने एक निलंबित नेता को पश्चिम बंगाल में अयोध्या की बाबरी की तर्ज पर मस्जिद बनाने की अनुमति दी है।
उन्होंने मुर्शिदाबाद का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व TMC विधायक हुमायूं कबीर को इस पहल की छूट दी गई। शाह ने कहा, “दीदी याद रखना कि जब तक बंगाल में एक भी बीजेपी कार्यकर्ता जिंदा है, हम यहाँ बाबरी मस्जिद का निर्माण नहीं होने देंगे।” उन्होंने राज्य सरकार पर तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने आगे कहा कि मुगलों, अंग्रेजों और कॉन्ग्रेस के बाद अब ममता बनर्जी भी उसी सोच पर आगे बढ़ रही हैं। शाह ने यह भी याद दिलाया कि 2019 में मोदी सरकार बनने के बाद ही 550 साल पुराना राम मंदिर निर्माण का संकल्प पूरा हो पाया। उन्होंने दावा किया कि 5 मई के बाद राज्य में भाजपा की सरकार बनने पर तुष्टिकरण की राजनीति समाप्त कर दी जाएगी।
कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और घुसपैठ पर कड़ा रुख
अमित शाह ने राज्य में गो-तस्करी और घुसपैठ को लेकर भी सख्त बयान दिए। उन्होंने कहा कि 5 मई के बाद गो-तस्करों को ऐसी सजा दी जाएगी कि उनकी अगली तीन पीढ़ियाँ भी ऐसा करने की हिम्मत नहीं करेंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें जेल भेजा जाएगा, क्योंकि वे गरीबों के हक छीन रहे हैं।
संदेशखाली की घटनाओं का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि महिलाओं पर अत्याचार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और उनकी फाइलें खोलकर उन्हें जेल भेजा जाएगा। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उन्होंने आरोप लगाया कि अम्फान चक्रवात के लिए भेजे गए 1000 करोड़ रुपए TMC के गुंडों ने हड़प लिए।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि भाजपा सरकार बनने पर गरीबों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा। शाह ने आरजी कर अस्पताल की पीड़िता की माँ और संदेशखाली की एक साहसी महिला को चुनाव में उम्मीदवार बनाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि इससे राज्य में कथित ‘गुंडाराज’ के अंत की शुरुआत होगी।
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