दिल्ली सरकार मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों, खासकर डेंगू से लड़ाई को तेज करने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स बनाने की योजना बना रही है। मानसून से पहले यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि इस दौरान आमतौर पर मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिलती है।
अधिकारियों ने बताया कि इस पैनल का खाका अभी तैयार किया जा रहा है। इसके ढाँचे और जिम्मेदारियों को लेकर मुख्यालय और जोन स्तर पर चर्चा चल रही है। इस टास्क फोर्स की अगुवाई MCD के कमिश्नर करेंगे और इसमें स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और दिल्ली सरकार के अन्य संबंधित विभागों के सदस्य शामिल होंगे।
इसका मुख्य उद्देश्य सभी विभागों को एक साथ लाना है ताकि जमीन पर कार्रवाई तेज और ज्यादा प्रभावी हो सके।
पैनल क्या करेगा
टास्क फोर्स बनने के बाद यह पूरे शहर में मच्छरों के पनपने वाली जगहों पर नजर रखेगी। साथ ही समय पर फॉगिंग, बेहतर सफाई अभियान और लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
इसके अलावा, यह पैनल निगरानी व्यवस्था को मजबूत करेगा, पानी जमा होने या गंदगी से जुड़ी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेगा और अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल की कमी को दूर करने पर काम करेगा।
कोर्ट के निर्देशों के आधार पर कदम
यह फैसला 24 दिसंबर 2021 को दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद लिया जा रहा है। कोर्ट ने राजधानी में बार-बार फैलने वाली इन बीमारियों का स्वतः संज्ञान लिया था। अदालत ने अधिकारियों को रोकथाम के उपाय मजबूत करने, मौके पर जुर्माना लगाने, बेहतर समन्वय बनाने और जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए थे, ताकि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों को नियंत्रित किया जा सके।
मामलों में बढ़ती चिंता
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, डेंगू के मामलों में पिछले कुछ सालों में उतार-चढ़ाव देखा गया है। साल 2020 में 1072 मामले थे, जो 2021 में बढ़कर 9613 हो गए। 2022 में यह घटकर 4469 हुए, लेकिन 2023 में फिर बढ़कर 9266 हो गए और 2024 में 6391 मामले दर्ज किए गए। 29 मार्च 2025 तक 98 मामले सामने आ चुके हैं।
मलेरिया के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। 2020 में 228 मामले थे, जो 2024 में बढ़कर 792 हो गए। मार्च 2025 तक 23 मामले सामने आए हैं। वहीं, चिकनगुनिया के मामले 2020 में 111 थे, जो 2024 में बढ़कर 267 हो गए और 29 मार्च 2025 तक 4 मामले दर्ज किए गए हैं।
समन्वित कार्रवाई पर जोर
अधिकारियों का कहना है कि इस साल मामलों को कम करने के लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल बहुत जरूरी होगा। मानसून नजदीक होने के कारण सरकार पहले से ही तैयारी करना चाहती है, ताकि मच्छरों के पनपने को समय रहते रोका जा सके।

