उत्तराखंड के दून मेडिकल कॉलेज में डॉ गजाला रिजवी ने महिला कर्मचारी को पूजा पाठ से रोका, हिंदू संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी

उत्तराखंड के देहरादून में दून मेडिकल कॉलेज में एक हिंदू महिला कर्मचारी ने बताया की डॉ गजाला रिजवी उनके साथ धार्मिक उत्पीड़न और भेदभाव करती है। कर्मचारी ने बताया कि उसे मंदिर में पूजा-पाठ, तिलक लगाने और धार्मिक आस्था से जुड़े कार्यों से रोका गया, जबकि कॉलेज प्रशासन ने इन आरोपों को निराधार बताया है।

पूजा-पाठ को लेकर विवाद और आरोप

महिला कर्मचारी जो उपनल (UPNL) के माध्यम से कॉलेज में काम कर रही है, उनका कहना है कि वह लंबे समय से अस्पताल परिसर स्थित मंदिर में पूजा करती रही है। आरोप है कि पैथोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ गजाला रिजवी ने उसे कई बार पूजा करने, तिलक लगाने और कलावा पहनने से रोका।

महिला का दावा है कि इस कारण उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और अपमानजनक व्यवहार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा कर्मचारी ने यह भी आरोप लगाया कि ड्यूटी के दौरान उसके साथ भेदभाव किया गया, साथ काम करने वालों को उससे बातचीत न करने के को कहा गया और उसकी ड्यूटी बार-बार बदली गई।

विरोध-प्रदर्शन और प्रशासन का पक्ष

इन आरोपों के बाद हिंदू रक्षा दल महिला के समर्थन में सामने आया और कॉलेज के बाहर प्रदर्शन किया। संगठन के अध्यक्ष ललित शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। वहीं विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने भी इस मामले को धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़ते हुए कार्रवाई की माँग की है।

दूसरी ओर कॉलेज की प्राचार्य डॉ गीता जैन ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि शिकायतों की जाँच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई होगी।