मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से एक विवाद सामने आया है, जहाँ एक नवविवाहित दलित जोड़े ने आरोप लगाया कि उन्हें हनुमान मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया गया। उनका कहना है कि अन्य जातियों, खासकर OBC समुदाय के लोगों ने उन्हें मंदिर के अंदर जाने नहीं दिया। यह घटना शुक्रवार (24 अप्रैल 2026) की है, जब यह जोड़ा पूजा करने मंदिर पहुँचा था।
जोड़े के मुताबिक, मंदिर का दरवाजा बंद था और उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। पति निर्मल कनाडे ने एक वीडियो में कहा, “मैं अपनी पत्नी के साथ हनुमान मंदिर में पूजा करने गया था, लेकिन मंदिर बंद था और हमें अंदर नहीं जाने दिया गया। वहाँ मौजूद अन्य जातियों के लोगों ने हमें बाहर से ही पूजा करने को कहा।” यह वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
प्रभावित परिवार पर अभद्र भाषा का आरोप
बाद में इस मामले में पुलिस ने हस्तक्षेप किया और अगले दो दिनों तक दोनों पक्षों के साथ बातचीत की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सभी पक्षों के बीच चर्चा के बाद मामला सुलझा लिया गया है। तीन परिवारों पर लगाए गए प्रतिबंध हटा दिए गए हैं और अब गाँव में स्थिति सामान्य हो गई है।
हालाँकि स्थानीय लोगों का कहना है कि हनुमान मंदिर आमतौर पर दोपहर में चोरी की घटनाओं और आवारा जानवरों से बचाव के लिए बंद रहता है। उनका यह भी कहना है कि विवाद के दौरान प्रभावित परिवार के कुछ लोगों ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे मामला और बढ़ गया और पंचायत बुलानी पड़ी।
यहाँ तक कि कुछ अनुसूचित जाति के परिवारों ने भी उन तीन दलित परिवारों के बहिष्कार का समर्थन किया, क्योंकि उनका आरोप था कि इन परिवारों के कुछ लोगों ने अन्य जातियों के लोगों के साथ अपमानजनक और डराने वाली भाषा का इस्तेमाल किया।
सोशल मीडिया पर ऊँची जातियों को ठहराया गया जिम्मेदार
इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं। OBC समुदाय के लोगों ने अपने पक्ष में कारण बताए, लेकिन कुछ आंबेडकरवादी कार्यकर्ताओं ने इस घटना के लिए ऊँची जातियों को जिम्मेदार ठहराया।
Dalits can't enter Hindu temples.
— Suraj Kumar Bauddh (@SurajKrBauddh) April 26, 2026
A dalit couple was stopped from worship in MP's Khargone. They could perform puja only after calling the police. But now, the family are facing social boycott in the village.
Why do dalits go to temples? For humiliation? pic.twitter.com/ZQeHWOxGYn
OBC समुदाय के लोगों का कहना है कि दूल्हे ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, जिसकी वजह से पूरा विवाद खड़ा हुआ और बहिष्कार जैसी स्थिति बनी। उनका यह भी कहना है कि इससे पहले ही दूल्हे ने जातिगत भेदभाव का आरोप लगाते हुए एक रील बना दी थी।
एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, “हिंदू मंदिरों में दलितों की एंट्री नहीं। खरगोन में एक शादीशुदा जोड़े को हनुमान मंदिर में पूजा करने से रोका गया। पुलिस बुलाकर पूजा तो कर ली, लेकिन परिवार का बहिष्कार हो गया। आखिर ये लोग मंदिर में जाने के लिए सब कुछ क्यों दांव पर लगा देते हैं?”
दिलचस्प बात यह है कि गाँव वालों का कहना है कि हाल ही में एक अन्य दलित जोड़ा भी उसी मंदिर में गया था और बिना किसी परेशानी के पूजा कर सका, क्योंकि वे मंदिर के खुले समय में पहुँचे थे।
पुलिस हस्तक्षेप और आगे की स्थिति
इसके बाद यह जोड़ा पुलिस के पास गया, जिसके बाद उन्हें मंदिर में प्रवेश की अनुमति मिली और उन्होंने पूजा भी की। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। कुछ ही घंटों में गाँव की एक पंचायत, जिसमें बंजारा और पटेल (OBC) समुदाय के लोग शामिल थे, उसने इस जोड़े के परिवार और उनसे जुड़े दो अन्य अनुसूचित जाति परिवारों के सामाजिक बहिष्कार की घोषणा कर दी।
निर्मल कनाडे ने कहा, “मंदिर में पूजा करने के कुछ ही घंटों बाद पंचायत ने हमारे परिवार और दो अन्य परिवारों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया। अब कोई भी इन तीनों परिवारों से कोई लेन-देन नहीं कर रहा है।” उन्होंने लोगों से समर्थन की अपील भी की और कहा कि उनकी वीडियो ज्यादा से ज्यादा शेयर की जाए ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
पंचायत ने यह भी चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति इन परिवारों से संपर्क करेगा या उन्हें सामान बेचेगा, उस पर 11000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। इस घोषणा के बाद गाँव में तनाव का माहौल बन गया और जातिगत भेदभाव को लेकर चिंता बढ़ गई।

