न्यूयॉर्क के जेपी मॉर्गन बैंक में एक बड़ा विवाद सामने आया है। बैंक की एक बड़ी महिला बॉस लोर्ना हजदिनी पर आरोप लगा है कि उन्होंने अपने साथ काम करने वाले एक भारतीय मूल के आदमी को बहुत परेशान किया। पीड़ित का कहना है कि उसकी बॉस ने उसे नशीली दवाएँ दीं और उसके साथ जबरदस्ती की। हालाँकि, बैंक का कहना है कि उसे जाँच में कोई सबूत नहीं मिले हैं।
नौकरी छीनने का डर और गंदी बातें
कोर्ट में दी गई शिकायत के अनुसार, महिला बॉस लोर्ना हजदिनी ने भारतीय युवक को डराने और अपमानित करने के लिए कई आपत्तिजनक बातें कहीं। शुरुआत में उसने युवक के कॉलेज के दिनों में बास्केटबॉल खेलने की बात पर गंदा कमेंट करते हुए कहा कि उसे बास्केटबॉल खिलाड़ी बहुत पसंद हैं। जब युवक ने उसके साथ ड्रिंक्स पर जाने से मना किया, तो लोर्ना ने उसे धमकी देते हुए कहा, “अगर तुमने जल्द ही मेरे साथ संबंध नहीं बनाए, तो मैं तुम्हें बर्बाद कर दूँगी, यह मत भूलना कि तुम मेरी जागीर हो।”
ऑफिस में उसने युवक को ‘मेरा छोटा ब्राउन बॉय’ (my little brown boy) कहकर बुलाया और प्रमोशन के बदले उसे खुश करने की शर्त रखी। एक इवेंट के दौरान उसने युवक को ‘मेरा छोटा अरब बॉय टॉय’ कहा और प्रमोशन पाने के लिए उसे ‘कमाने’ (Earn it) की बात कही।
घर जाकर की बदतमीजी और दी नशीली दवाएँ
पीड़ित का दावा है कि महिला बॉस लोर्ना एक बार जबरदस्ती उसके घर घुस गई और वहाँ युवक के मना करने पर उसे धमकाया कि क्या उसे प्रमोशन और बैंक में अपना भविष्य चाहिए या नहीं। उसने युवक की पत्नी के लिए भी बेहद घटिया और नस्लीय टिप्पणी की। जब युवक शोषण के दौरान रोने लगा, तो महिला बॉस लोर्ना ने उसे झिड़कते हुए कहा, “रोना बंद करो, तुम्हें क्या लगता है कि कोई तुम्हारी बात पर यकीन करेगा? तुम खुद को बहुत बड़ी चीज समझते हो, लेकिन तुम्हारा शरीर मेरा साथ तक नहीं दे पा रहा।”
पीड़ित युवक के काम पर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि मैनेजमेंट किसी ‘ब्राउन इंडियन लड़के’ को लीडर बनते नहीं देखना चाहता, इसलिए अगर उसने उसे खुश नहीं किया, तो वह उसका करियर तबाह कर देगी। शिकायत के बाद युवक को फोन पर भी धमकियाँ मिलीं जिसमें उसे ‘ब्राउन बॉय’ और ‘चुगलखोर’ (Snitch) कहकर डराया गया।
शिकायत करने पर मिली धमकियाँ
जब पीड़ित ने साल 2025 में बैंक से इसकी शिकायत की, तो उसे डरावने फोन आने लगे। उसे धमकी दी गई कि उसे अमेरिका से बाहर निकाल दिया जाएगा। बैंक ने उसे काम से हटाकर छुट्टी पर भेज दिया और उसका कंप्यूटर बंद कर दिया। अब वह आदमी अपना नाम छिपाकर केस लड़ रहा है और उसने अपने नुकसान के लिए पैसों की माँग की है।
बैंक ने कहा- ‘सब झूठ है’
दूसरी तरफ, जेपी मॉर्गन बैंक का कहना है कि यह सब गलत है। बैंक ने अपनी जाँच की और कहा कि उन्हें कोई सबूत नहीं मिला। बैंक का यह भी कहना है कि शिकायत करने वाले आदमी ने जाँच में मदद नहीं की। फिलहाल वह महिला अफसर अब भी अपनी नौकरी कर रही है और उसने अभी तक खुद कुछ नहीं कहा है।
इसके बाद उन्होंने उसे ड्रिंक्स के लिए बुलाया, मना करने पर नुकसान पहुँचाने की धमकी दी। आरोप है कि उन्होंने ऑफिस में भी कई बार उसे अश्लील प्रस्ताव दिए और ‘ब्राउन बॉय इंडियन’ जैसी नस्लीय टिप्पणियाँ कीं। एक दिन वह बिना बताए पीड़ित के घर पहुँच गईं, कपड़े उतारकर अश्लील हरकतें कीं और उसकी पत्नी को लेकर अपमानजनक बातें कहीं।
मुकदमे में दावा है कि उन्होंने जबरन उसके साथ यौन संबंध बनाने की कोशिश की, जिसके दौरान वह रोता रहा और रुकने की गुहार लगाता रहा। इसके बाद उसे भी जबरन इसके लिए मजबूर किया गया। एक अन्य घटना में आरोप है कि उन्होंने उसे जमीन पर धक्का दिया, जबरन अपमानजनक हरकतें करवाईं और उसके शरीर को लेकर नस्लीय टिप्पणी की।
मुकदमे में यह भी दावा किया गया है कि हाजदिनी ने कई बार ‘डेट-रेप ड्रग’ Rohypnol और Viagra देकर इन घटनाओं को अंजाम दिया। साथ ही यह भी आरोप है कि उन्होंने अपनी पहुँच का इस्तेमाल कर उसके बैंक अकाउंट और मूवमेंट पर नजर रखी।
शिकायत, धमकियाँ और बैंक का जवाब
सितंबर 2024 में हाजदिनी ने पीड़ित को कम काम लाने पर डांटा और प्रमोशन रोकने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि मैनेजमेंट किसी ब्राउन इंडियन को लीडर नहीं बनाना चाहता और यौन संबंध के लिए दबाव बनाया। पीड़ित का कहना है कि उसने बाद में दूसरी नौकरी तलाशनी शुरू कर दी और मई 2025 में बैंक को लिखित शिकायत दी।
शिकायत के बाद उसे धमकी भरे फोन कॉल आने लगे, जिनमें उसकी स्किन कलर का जिक्र करते हुए इमिग्रेशन अधिकारियों से शिकायत करने की धमकी दी गई। इसके बाद उसे जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया, सिस्टम एक्सेस बंद कर दिया गया और उसकी छवि खराब करने का भी आरोप लगाया गया।
मुकदमे में कहा गया है कि दो गवाहों ने कुछ घटनाओं की पुष्टि की है। पीड़ित ने अपनी आय के नुकसान, मानसिक पीड़ा और प्रतिष्ठा को हुए नुकसान के लिए मुआवजे की माँग की है।
वहीं जेपीमॉर्गन चेज ने बयान जारी कर कहा है कि आंतरिक जाँच में आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं मिला। बैंक का कहना है कि शिकायतकर्ता ने जाँच में सहयोग नहीं किया। फिलहाल हाजदिनी बैंक में काम कर रही हैं और उन्होंने इन आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

