भारत ने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की वापसी का प्लान बना लिया है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारत में अवैध रूप से रह रहे सभी विदेशी नागरिकों को कानून और द्विपक्षीय समझौतों के तहत वापस भेजा जाएगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान ये बातें कही।
Weekly Media Briefing by the Official Spokesperson (May 07, 2026)
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) May 7, 2026
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रीयता सत्यापन से जुड़े 2862 से अधिक मामले बांग्लादेश के पास लंबित हैं। इनमें से कई पिछले 5 सालों से भी अधिक समय से लंबित हैं।
MEA के प्रवक्ता के मुताबिक, “हमारी नीति स्पष्ट है कि भारत में अवैध रूप से रह रहे सभी विदेशी नागरिकों को कानून, निर्धारित प्रक्रिया और स्थापित द्विपक्षीय व्यवस्थाओं के तहत वापस भेजा जाएगा।”
एमईए के बयान से साफ है कि निकट भविष्य में बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर निकालने की दिशा में तेजी से काम किया जाएगा। दरअसल बंगाल चुनाव में बीजेपी की जीत को लेकर बांग्लादेश के दो मंत्रियों के बयान की काफी चर्चा हुई है।
बांग्लादेश के गृहमंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने बांग्लादेशी घुसपैठियों को पुशबैक की आशंका जताई। वहीं विदेश मंत्री खलीलपुर रहमान ने कहा था कि जबरन लोगों को हमारी ओर भेजा जाएगा, तो कार्रवाई की जाएगी। इन टिप्पणियों को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में एमईए के प्रवक्ता ने भारत की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने उम्मीद जताई की बांग्लादेश राष्ट्रीय सत्यापन करेगा ताकि अवैध रूप से रहे रहे लोगों को वापस भेजा जा सके।

