पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित सरकार की (11 मई 2026) सोमवार को पहली कैबिनेट बैठक हुई। मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में राज्य के शासन, सुरक्षा और विकास को ध्यान में रखते हुए 6 बड़े फैसले लिए।
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पहली कैबिनेट बैठक में शासन, सुरक्षा-व्यवस्था और राज्य के विकास को प्राथमिकता दी गई।
Howrah, West Bengal: Chief Minister Suvendu Adhikari says, "…Today, on the very first day, we have approved the land transfer process to secure the borders for the central defence office and the BSF. From today, the land transfer process will begin. Within 45 days, the land… pic.twitter.com/W41HltujqI
— IANS (@ians_india) May 11, 2026
शहीदों के परिजनों की मदद– बैठक में बीजेपी के उन 321 कार्यकर्ताओं के परिजनों की मदद का फैसला लिया गया, जिन्होंने चुनाव से पहले के राजनीतिक संघर्ष में अपनी जान गँवाई।
बॉर्डर एरिया में भूमि BSF को सौंपने की प्रक्रिया– बांग्लादेश सीमा की भूमि बंगाल सरकार 45 दिनों में BSF को सौंप देगी। यह प्रक्रिया शुरू हो गई है। पिछली ममता सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने की प्रक्रिया में रुकावट पैदा की थी। ममता सरकार ने सीमा वाली जमीन बीएसएफ को सौंपने से इनकार कर दिया था।
आयुष्मान भारत योजना लागू– देश के दूसरे भागों की तरह बंगाल में आयुष्मान योजना और जन आरोग्य योजना को लागू करने की पहल शुभेंदु सरकार कर चुकी है। इस योजना के तहत हर परिवार को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलता है। यह योजना अब 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को मिलता है।
दूसरे केंद्रीय योजनाओं को लागू करना- पीएम विश्वकर्मा योजना और उज्जवला योजना 3.0 जैसे केन्द्र सरकार की योजनाओं को लागू करने का फैसला भी पहली कैबिनेट की बैठक में लिया गया।
सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट- बंगाल सरकार ने सरकारी नौकरियों में आवेदकों की आयुसीमा में 5 साल की छूट देने का फैसला लिया है।
जनगणना और बीएनएस की शुरुआत– जनगणना प्रक्रिया को शुरू करने का फैसला भी शुभेंदु सरकार ने लिया है, जिसे ममता सरकार ने लंबित कर दिया था। साथ ही भारतीय न्याय संहिता पर भी सहमति बनी है। पहली बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग और मतदाताओं का आभार भी जताया।

