मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बैंच द्वारा धार स्थित भोजशाला परिसर को मंदिर घोषित किए जाने के बाद शनिवार (16 मई 2026) को यहाँ पूजा-अर्चना शुरू हो गई। कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया कि यह जगह धार्मिक रूप से हिंदू मान्यताओं में ज्ञान की देवी मानी जाने वाली माँ सरस्वती (वाग्देवी) का मंदिर है। इसके बाद से श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई है।
#WATCH मध्य प्रदेश: धार में भोजशाला परिसर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 16, 2026
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने विवादित भोजशाला-कमल मौला परिसर को मंदिर घोषित किया और हिंदू पक्ष को उस स्थान पर पूजा करने का अधिकार दिया। pic.twitter.com/5hS1xPkiHE
शनिवार सुबह से ही श्रद्धालु यहाँ पहुँचकर माँ सरस्वती के मंदिर में पूजा-अर्चना करने लगे है। दरअसल, अदालत ने अपने फैसले में साफ कर दिया था कि इस परिसर का ऐतिहासिक और धार्मिक स्वरूप मंदिर का ही है। इसकी के चलते पर अब हिंदू पक्ष को पूजा का अधिकार दिया गया है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए परिसर के बाहर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रद्धालु भोज उत्सव समिति के पदाधिकारियों के साथ भोजशाला परिसर में इकट्ठा हुए। इसके बाद यहाँ पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की गई और इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया।

