छत्तीसगढ़ में 200 जनजातीय लोगों ने की घर वापसी, चर्च का पादरी भी शामिल: BJP विधायक ने पाँव पखारकर सनातन में किया स्वागत

छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के पंडरिया इलाके में जनजातीय समुदाय के करीब 150 से 200 लोगों ने हिंदू धर्म में घर वापसी की। घर वापसी करने वाले लोगों में पादरी का एक पादरी भी शामिल था।

कार्यक्रम के दौरान पंडरिया से बीजेपी की विधायक भावना बोहरा ने पारंपरिक रीति-रिवाजों और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ लोगों का फिर से सनातन में स्वागत किया। उन्होंने लोगों के पैर धोकर सम्मान भी किया और धार्मिक विधि-विधान के जरिए उन्हें उनके मूल धर्म में वापस लाने की प्रक्रिया पूरी कराई।

विधायक भावना बोहरा ने कहा कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय लोगों की मदद से लंबे समय से घर वापसी अभियान चलाया जा रहा है। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से इस अभियान की शुरुआत हुई थी और अब तक सैकड़ों लोग इसमें शामिल हो चुके हैं।

घर वापसी अभियान में अब तक 700 से ज्यादा लोग शामिल

भावना बोहरा ने दावा किया कि अब तक 700 से 750 जनजातीय लोग अपने मूल धर्म में लौट चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा। विधायक के मुताबिक नेउर वन क्षेत्र के आसपास के गाँवों से 115, कुई-कुकदुर इलाके से 70, दमगढ़ गाँव से 50 और कुलहिडोंगरी गाँव से 140 लोग पहले ही घर वापसी कर चुके हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि इस बार जिन लोगों ने धर्म परिवर्तन किया, उनमें एक चर्च पादरी भी शामिल था। बीजेपी विधायक ने इसे सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से जुड़ा अभियान बताया।

पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ कार्यक्रम

पंडरिया में आयोजित इस कार्यक्रम में जनजातीय लोगों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। धार्मिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच लोगों ने हिंदू धर्म में वापसी की प्रक्रिया पूरी की। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।