कर्नाटक के मनोनीत मुख्यमंत्री DK शिवकुमार के शपथ ग्रहण से ठीक पहले एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एक कन्नड़ अखबार ने अपने फ्रंट पेज पर DK शिवकुमार को ‘भगवान शिव’ के रूप में दिखा दिया। इस तस्वीर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर नेटीजन्स का गुस्सा भड़क गया है। लोग अखबार पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और ईशनिंदा का आरोप लगा रहे हैं।
अखबार के फ्रंट पेज पर छपी विवादित तस्वीर
बेंगलुरु के जाने-माने अखबार ‘विश्ववाणी’ ने अपने मुख्य पन्ने पर यह विवादित स्कैच छापा है। इस तस्वीर में DK शिवकुमार को हूबहू भगवान शिव के रूप में दिखाया गया है। उनके सिर पर जटाएँ हैं। उन्होंने बाघ की खाल पहनी हुई है। उनके हाथों में त्रिशूल और डमरू भी दिखाई दे रहा है। अखबार के मुख्य संपादक विश्वेश्वर भट ने इस फोटो को सोशल मीडिया पर भी शेयर किया। इसके बाद विवाद और ज्यादा बढ़ गया।
Vishwavani page 1 today pic.twitter.com/KQRTO5LYhx
— Vishweshwar Bhat (@VishweshwarBhat) June 3, 2026
सोशल मीडिया पर फूटा नेटीजन्स का गुस्सा
तस्वीर वायरल होते ही नेटीजन्स ने अखबार को निशाने पर ले लिया। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि राजनीति के लिए भगवान का ऐसा रूप बनाना बिल्कुल गलत है। एक यूजर ने लिखा कि यह सीधे-सीधे ईशनिंदा है। दूसरे यूजर ने सवाल उठाया कि अगर किसी और धर्म के पूजनीय पात्र के साथ ऐसा होता, तो अब तक बवाल हो चुका होता। कई लोगों ने इसे चापलूसी की हद बताया है।
Using Bhagawan Shiva’s image to draw comparisons with politicians like D.K. Shivakumar reflects a disappointing and irresponsible standard of journalism. If this is being done to curry favor with a potential new Chief Minister, it is deeply unfortunate. I never expected such… https://t.co/ntXJTTFAuY
— Girish Bharadwaj (@Girishvhp) June 3, 2026
कर्नाटक के मशहूर वकील गिरीश भारद्वाज ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि राजनेताओं को भगवान के रूप में दिखाना हमारे धर्म के खिलाफ है। इससे देवी-देवताओं के प्रति सम्मान कम होता है। राजनीतिक फायदे के लिए पवित्र धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल कतई नहीं होना चाहिए।

