6 दिन में 94 इमारतें गिराईं, 114 संपत्ति की जब्त: अवैध निर्माण के खिलाफ दिल्ली की BJP सरकार का ताबड़तोड़ एक्शन, CM रेखा गुप्ता ने कहा- रोकने को बनाएँगे सिस्टम

दिल्ली सरकार ने राजधानी में अवैध निर्माण, अतिक्रमण और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया है। 1 जून 2026 से अब तक प्रशासन ने 94 अवैध इमारतों को ध्वस्त कर दिया है, जबकि 114 अन्य संपत्तियों को सील किया गया है।

सरकार का कहना है कि भवन निर्माण नियमों और अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी अधिकारी और बिल्डर के बीच मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 3 जून 2026 को मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद इस अभियान को और तेज कर दिया गया। घटना से संबंधित अब तक 63 इमारतों को गिराया जा चुका है और 97 संपत्तियों को सील किया गया है।

सबसे अधिक 22 अवैध इमारतों को 3 जून 2026 को ध्वस्त किया गया, जबकि 6 जून को एक दिन में 79 संपत्तियों को सील कर सबसे बड़ा सीलिंग अभियान चलाया गया। राजस्व विभाग की टीमों ने दिल्ली के 13 जिलों में 124 स्थानों का निरीक्षण किया है।

जाँच का दायरा बढ़ा, लोगों को भेजा जा रहा ‘कारण बताओ’ नोटिस

मालवीय नगर वाले दक्षिण जिले में सबसे अधिक 30 स्थानों की जाँच की गई, जहाँ 11 संपत्तियों को सील किया गया और 19 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। सरकार के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में 33 ध्वस्तीकरण आदेश और 41 सीलिंग नोटिस जारी किए गए हैं।

सरकार अब केवल अवैध निर्माण हटाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाने पर भी काम कर रही है। इसी दिशा में इमारतों और सार्वजनिक उपयोग वाले प्रतिष्ठानों के लिए थर्ड पार्टी बीमा व्यवस्था लागू करने पर विचार किया जा रहा है।

वहीं दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने भी अपनी जमीनों पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।