अयोध्या राम मंदिर के दान पात्र से करोड़ों रुपए गायब होने और इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लेने की खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इन दावों का खंडन किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि न तो किसी व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है और न ही किसी से कोई पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, मीडिया में जो खबरें चल रही हैं, वे अफवाह हैं। मंदिर परिसर में केवल एक सामान्य ऑडिट (खातों की जाँच) की प्रक्रिया चल रही है।
आज दैनिक जागरण में यह समाचार विस्तार से प्रकाशित है। इसका सीधा सा अर्थ है कि, कुछ लोगों ने गड़बड़ की है और उन्हें पकड़ा भी गया। ऐसे में इस मामले में @ShriRamTeerth की ओर से पूरी स्पष्टता से बात सामने आना चाहिए। वरना इसका दुरुपयोग करके अफवाह फैलाकर श्रीराम मंदिर पर ही निशाने लगाने… pic.twitter.com/sVGkwrI01b
— हर्ष वर्धन त्रिपाठी 🇮🇳Harsh Vardhan Tripathi (@MediaHarshVT) June 8, 2026
दैनिक जागरण की रिपोर्ट में बताया गया था कि पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है। यह राम मंदिर ट्रस्ट और परिसर से जुड़े लोगों की व्यक्तिगत और रूटीन बात है। इससे पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चढ़ावे की रकम गायब होने का आरोप लगाया था, जिसे राम मंदिर ट्रस्ट ने भी सिरे से खारिज कर दिया है।

