महाराष्ट्र के TCS नासिक कांड में मुख्य आरोपित निदा खान ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें निदा खान के कबूलनामे का खुलासा हुआ। निदा खान ने बताया कि उसने हिंदू पीड़िता को अपने घर ले जाकर नमाज पढ़ने की ट्रेनिंग दी थी। साथ ही हिंदू पीड़िता के फोन से इस्लाम से जुड़े 37 ऑडियो क्लिप और 4 मजहबी ऐप्स भी मिले हैं।
निदा खान का बड़ा कबूलनामा
पुलिस चार्जशीट के मुताबिक निदा खान ने पूछताछ में कई राज उगले हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस खेल में और कौन शामिल था। पुलिस जाँच में पीड़िता के मोबाइल से कई चीजें बरामद हुई हैं। उसके फोन में इस्लाम मजहब से जुड़े 37 ऑडियो क्लिप मिले हैं। इसके अलावा 4 मजहबी मोबाइल एप्लीकेशन भी मिले हैं। जाँच एजेंसियाँ अब इन डिजिटल सबूतों की बारीकी से जाँच कर रही हैं।
चार्जशीट के मुताबिक पीड़िता पर इस्लामिक चीजें देखने का दबाव था। उसे लगातार सोशल मीडिया पर Reels और Videos दिखाए जाते थे। इसके जरिए उसका ब्रेनवॉश करने कोशिश की गई। उसका नाम बदलकर एक मुस्लिम नाम भी रख दिया गया था।
नौकरी दिलाकर जाल में फँसाया
आरोपित दानिश शेख, तौफिक अत्तार और निदा खान ने हिंदू पीड़िता का फायदा उठाया। साल 2022 में उसे नौकरी दिलाई गई थी। इसके बाद उससे नजदीकियाँ बढ़ाई गईं। धीरे-धीरे उस पर मानसिक दबाव बनाना शुरू कर दिया गया।
शादी का झांसा और शोषण
मुख्य आरोपित दानिश शेख पर सबसे गंभीर आरोप हैं। उसने शादी का झांसा देकर हिंदू पीड़िता का शारीरिक शोषण किया। उसने पीड़िता का मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न भी किया। दानिश ने हिंदू पीड़िता से मोटी नकदी और कीमती सामान भी ऐंठे।
दूसरे आरोपित तौफिक अत्तार पर ऑफिस में छेड़छाड़ का आरोप है। वहीं AIMIM नेता मतीन पटेल नाम के आरोपित ने निदा खान को छुपाने में मदद की थी। मतीन ने निदा को पुलिस से बचाने के लिए अपने यहाँ शरण दी थी। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ सबूत कोर्ट को सौंप दिए हैं।

