मणिपुर में एक बार फिर बवाल मच गया है। यहाँ पिछले 28 दिन से लापता छह नागा समुदाय के लोगों के शव बरामद किए गए हैं। बताया गया कि इन छह लोगों का कुकी उग्रवादियों ने 13 मई 2026 को अपहरण किया था। शव मिलने के बाद से राज्य में एक बार फिर तनाव का माहौल है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मणिपुर के पुलिस महानिदेशक (DGP) मुकेश सिंह ने बताया कि मणिपुर पुलिस, असम राइफल्स और CRPF की लगभग 15 टीमों ने 24 घंटे तक सघन अभियान चलाया, जिसके बाद इन 6 लोगों के शव बरामद किए गए।
#WATCH | Imphal, Manipur: The bodies of 6 Naga individuals from the Naga community, who were allegedly abducted by villagers on May 13, 2026, from Leilon Vaiphei village, have been recovered and brought to the Jawaharlal Nehru Institute of Medical Sciences morgue.
— ANI (@ANI) June 10, 2026
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नागा समुदाय के संगठन ने 24 घंटे के बंद का किया ऐलान
उधर, नागाओं के शीर्ष निकाय ‘यूनाइटेड नागा काउंसिल’ (UNC) ने नागा इलाकों में 24 घंटे के बंद का ऐलान किया है और मणिपुर के डिप्टी सीएम नेमचा किपगेन को हटाने की माँग की है। UNC का कहना है कि डिप्टी सीएम किपगेन ‘कुकी नेशनल फ्रंट-पी (KNF-P) के अध्यक्ष सेमटिनथांग किपगेन की पत्नी हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि KNF-P सरकार के साथ ‘सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (SoO) समझौते में शामिल एक कुकी विद्रोही गुट है। UNC का कहना है कि नागा समुदाय के लोगों की हत्या में इसी गुट जिम्मेदार है। संगठन ने लीलोन वैफेई गांव के निवासियों पर भी अपहरण का आरोप लगाया है।
UNC ने सरकार से की माँगे
नागा संगठन UNC ने बरामद किए गए शवों को लेने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि शव की हालत बेकार है और जब तक उनकी माँगे पूरी नहीं होती, वे शवों को स्वीकार नहीं करेंगे। संगठन ने सभी कुकी विद्रोही गुटों के साथ सरकार के ‘SoO समझौते’ को रद्द करने की माँग की है।
लियांगमाई नागा काउंसिल के अध्यक्ष टिमोथी ने कहा कि अभी तक शवों की पहचान नहीं की गई है, उनके परिजन उनके चेहरे देखने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन लोगों की बुरी तरह हत्या की गई है, जिससे हर कोई सदमे में है।
नागालैंड के मुख्यमंत्री ने शांति की करी अपील
घटना पर नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। साथ ही उन्होंने सुनिश्चित किया कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जल्द पहचान कर गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

