असम के जोरहाट स्थित रौरिया एयरफोर्स स्टेशन पर हुए हादसे में भारतीय वायुसेना के पायलट समेत 5 जवान बलिदान हो गए। जबकि सह-पायलट घायल हो गया है और उसका इलाज जारी है। मृतकों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान अरुणाचल प्रदेश से जोरहाट लौट रहा था। सुबह करीब 10 बजे एयरबेस पर उतरते समय यह हादसाग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद विमान में भीषण आग लग गई और वह दो हिस्सों में टूट गया।
एयरबेस की फायर और रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुँची, लेकिन पाँच जवानों को बचाया नहीं जा सका। भारतीय वायुसेना ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी है।
वायुसेना ने कहा कि सभी जवानों ने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया है। हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। मामले की जाँच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दे दिए गए हैं। शुरुआती रिपोर्ट आने तक किसी भी तरह के अनुमान से बचने की अपील की गई है। AN-32 विमान का इस्तेमाल सैनिकों और सैन्य सामान की ढुलाई के लिए किया जाता है।

