28 घाट, 500 संगठन और सैंकड़ों लोग: दिल्ली में शुरू हुआ माँ यमुना की सफाई का अभियान, CM रेखा गुप्ता ने खुद किया नेतृत्व

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 14 जून 2026 को राष्ट्रीय राजधानी में यमुना की सफाई के एक बड़े अभियान में हज़ारों वॉलंटियर्स, भारतीय जनता पार्टी के नेताओं, जन-प्रतिनिधियों, एनजीओ, धार्मिक संगठनों और स्थानीय निवासियों के साथ हिस्सा लिया।

‘माँ यमुना नदी-तट सफाई अभियान’ यमुना के किनारे 28 घाटों पर चलाया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गीता कॉलोनी के दशमेश घाट पर इस अभियान में भाग लिया। उन्होंने कहा, “कई संस्थाओं के स्वयंसेवकों ने यहाँ पर श्रमदान दिया। हमारे भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं ने भी यहाँ श्रमदान दिया और सुबह 6 बजे से ही लगातार यहाँ यमुना नदी की सफाई का काम चल रहा है, सैकड़ों टन कूड़ा यहाँ से निकाला जा रहा है।”

उन्होंने घर के पूजन सामग्री को यमुना में विसर्जित करने पर आपत्ति जताते हुए कहा, “आप सोचिए कि घर की पूजन सामग्री यहाँ विसर्जित करके हम किस भगवान को खुश कर पा रहे हैं? यमुना मां गंदी होंगी, तो कोई भी भगवान प्रसन्न नहीं होंगे। यमुना नदी में किसी भी प्रकार का कूड़ा हम न डालें, इस ओर हम सभी को मिलकर काम करना होगा। ये स्वच्छता अभियान लगातार चलने वाला है। मैं स्वयं समय-समय पर आपको आमंत्रित करती रहूँगी, सरकार पूरी मुस्तैदी से अपना काम करती रहेगी और हम सभी नागरिक भी अपनी जिम्मेदारी निभाएँगे।”

मुख्यमंत्री गुप्ता ने 8 जून को एक वीडियो संदेश के जरिए इस अभियान की घोषणा की थी और नागरिकों से नदी की सफाई और उसे फिर से बेहतर बनाने के लिए एकजुट होने की अपील की थी।

यमुना सफाई में लगे हजारों लोग

इस अभियान में लगभग 500 एनजीओ और धार्मिक संगठनों से जुड़े वॉलंटियर्स ने हिस्सा लिया। दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से लोग इस कोशिश में शामिल हुए और इस अभियान को नदी को फिर से ठीक करने पर केंद्रित एक जन-आंदोलन बना दिया। अलग-अलग संगठनों के वॉलंटियर्स ने इस अभियान में योगदान दिया। BJP कार्यकर्ता भी इस अभियान में शामिल बढ़चढ़ कर शामिल हुए। सुबह 6 बजे से ही यमुना की सफाई का काम लगातार चल रहा है। सैकड़ों टन कचरा हटाया जा चुका है।

दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा हाथी घाट पर इस अभियान में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सरकार नदी की सफाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इन प्रयासों का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री की नियमित निगरानी और मुख्यमंत्री के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा, “तीन साल में आप यमुना में बड़ा बदलाव देखेंगे।”

इस मौके पर बीजेपी विधायक शिखा राय ने कहा कि ‘यमुना की सफाई’ एक बड़े सेवा अभियान का हिस्सा था। उन्होंने पिछली सरकारों पर नदी की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने आगे कहा कि नदी की हालत इतनी खराब हो गई थी कि मौजूदा सरकार के सत्ता में आने से पहले ही उसमें केमिकल वाला झाग दिखाई देने लगा था।

यमुना सफाई अभियान पर राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने कहा, “…हम सुबह 6:30 बजे से ही इस काम में लगे हैं और सफाई अभियान अभी भी चल रहा है… हम ये देख रहे हैं कि तट से बहुत सारा कचरा, खासकर प्लास्टिक, हटाया गया है… अब ऐसे सफाई अभियान नियमित रूप से चलाए जाएँगे।”

उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की दिल्ली सरकार ने यमुना को लेकर काफी काम किए हैं। कई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और डिसेंट्रलाइज़्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जा रहे हैं, नालियों की सफाई हो रही है और हर स्तर पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल पर यमुना की अनदेखी का आरोप लगाते हुए उन्होंने आगे कहा, “पूर्व केजरीवाल सरकार के 10 सालों में यमुना की हालत एक साधारण सीवेज नाले जैसी हो गई थी। मुझे पूरा भरोसा है कि दिल्ली सरकार इस काम को युद्ध स्तर पर कर रही है और नदी को सफलतापूर्वक बहाल कर देगी। “

पुराना पुल पर इस मुहिम में शामिल हुए दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि इस पहल को एक जन-आंदोलन बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अभियान इस पक्के संकल्प के साथ शुरू किया गया है कि यमुना लगातार बहती रहे और अपनी खोई हुई शान वापस पाए।

दरअसल ‘एक संकल्प – स्वच्छ यमुना’ संदेश के साथ यह महाअभियान यमुना को उसका गौरव लौटाने, तटों को स्वच्छ बनाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में अहम पहल है।