ईरान-अमेरिका डील में बाधा बन सकता है इजरायल, रक्षा मंत्री बोले- ‘हम बनाना रिपब्लिक नहीं, समझौता भी नहीं मंजूर’: कहा- लेबनान में कब्जाई जमीन की वापसी का सवाल ही नहीं

इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने सोमवार (15 जून 2026) को अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह कूटनीतिक समझौता इजरायल पर लागू नहीं होता है और अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे हम नहीं झुक सकते। उन्होंने लेबनान के कब्जे वाली जमीन भी लौटाने से इनकार किया और कहा कि उनका देश ‘Banana Republic’ यानी कमजोर नहीं है।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का समझौता हम पर लागू नहीं होता। इजरायल अमेरिका के अधीन नहीं है। हम एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र हैं।

उन्होंने कहा कि इजराइल के नागरिकों, IDF के सैनिकों और यहूदियों के प्रति इजरायल सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों के निर्वासन के दौरान सताए गए और मारे गए यहूदियों के प्रति हमारा ऐतिहासिक कर्तव्य है कि हम इजरायल की धरती पर यहूदियों को सुरक्षा प्रदान करें।

एक्स पर पोस्ट में इजरायल के मंत्री गवीर ने लिखा है कि जब भी हमने इजराइल की सुरक्षा की कीमत पर अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे घुटने टेके, हमें भारी कीमत चुकानी पड़ी। ओस्लो समझौते के समय भी ऐसा ही हुआ, 2006 के लेबनान समझौते में भी यही हुआ, और गाजा में ‘नियंत्रण’ की हर उस कोशिश में भी यही हुआ। यह बाद में हमारे लिए बड़ी मुसीबत बन गई।

उन्होंने जोर देकर कहा कि इजरायली अमेरिका से प्यार करते हैं और राष्ट्रपति ट्रंप के आभारी हैं। फिर भी इजरायल कोई ‘बनाना रिपब्लिक’ यानी कमजोर या अस्थिर देश नहीं है।

प्रधानमंत्री नेत्नयाहू का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे बंद कमरों में भी कहते हैं कि ऐतिहासिक पलों में ऐतिहासिक फैसला ही लिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उनका रुख साफ है। वह इस समझौते में शामिल नहीं हैं, क्योंकि यह इजरायल की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता और हम पर किसी भी तरह से लागू नहीं होता। हिज़्बुल्लाह को पूरी तरह खत्म करने से कम किसी भी चीज पर समझौता नहीं किया जा सकता। इजरायल के लड़ाकों ने जिन इलाकों पर कब्जा किया है और जहाँ से आतंकियों का सफाया किया है, वहाँ से हमें पीछे नहीं हटना चाहिए।

उन्होंने कहा है कि इजरायल को ऐसी स्थिति में वापस नहीं जाना चाहिए जहाँ हजारों आतंकवादी उत्तरी बस्तियों की सीमाओं पर बैठे हों और इजरायल के खिलाफ साजिश रच रहे हों।

लेबनान को लेकर स्थिति साफ करन की बात कहते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि लेबनान के साथ ‘डर का संतुलन’ बनाए रखना जरूरी है। वरना वह ड्रोन, UAV या मिसाइल से इजरायल पर हमला करेगा।

इजरायल के इतिहास का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि इजरायल के लोग 3000 साल पुराने लोग हैं। एक ऐसा यहूदी समुदाय जो लंबे सफर से नहीं डरता। हमें ब्रह्मांड के रचयिता पर भरोसा है। हम एक मज़बूत और गौरवशाली ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के हैं और अपनी मातृभूमि लौटे हैं।