दिल्ली के कालकाजी इलाके से धोखेबाजी और जबरन धर्मांतरण की एक हैरान करने वाली वारदात सामने आई है। हिंदू पीड़िता की शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) इस मामले की गंभीरता से जाँच कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, आरोपित हिंदू पीड़िता के घर से सोने के जेवर चोरी करके 9 जून से फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। हिंदू पीड़िता बिहार की रहने वाली है और दिल्ली में घरों में खाना बनाने का काम करती है।
वह अपनी तीन साल की बेटी के साथ रहती है। साल 2023 में इंस्टाग्राम पर उसकी दोस्ती ‘एस के यादव’ नाम के प्रोफाइल से हुई थी। आरोपित ने खुद को सिंगल बताते हुए अपना नाम सुरेश यादव बताया था। उसने महिला और उसकी बेटी को अच्छी जिंदगी देने का वादा किया, जिसके बाद दोनों साथ रहने लगे।
एक बच्चे का अब्बू निकला शाहिद परवेज
करीब एक साल बाद महिला को पता चला कि आरोपित का असली नाम शाहिद परवेज है। वह पहले से शादीशुदा है और उसका एक बेटा भी है। विरोध करने पर शाहिद ने उस पर इस्लाम अपनाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। वह महिला को धर्मांतरण और निकाह के लिए कई मस्जिदों में लेकर गया। कई मौलवियों ने उम्र के अंतर के कारण निकाह कराने से मना कर दिया।
"Police ko ham sambhal lenge. Bajrang Dal ko kaun sambhalega?" (We will handle the police. How are we going to handle Bajrang Dal?)
— Swati Goel Sharma (@swati_gs) June 17, 2026
This is what several clerics told Shahid Parvez when he went to mosques in Delhi's Okhla area with this Hindu woman to get conversion-nikahnama… pic.twitter.com/BxL2NjkcRJ
इसके बाद शाहिद उसे ओखला मंडी की एक मस्जिद में ले गया। वहाँ मौलवी ने महिला से कलमा पढ़ने को कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। इस पर मौलवी ने निकाह कराने से इनकार कर दिया।
मौलवी ने शाहिद से साफ कहा कि वह पुलिस को तो संभाल सकता है, लेकिन बजरंग दल के लोगों से नहीं निपट पाएगा। इसके बाद शाहिद ने उर्दू के कुछ कागजों पर हिंदू महिला से धोखे से दस्तखत करा लिए। फिलहाल पुलिस आरोपित की तलाश कर रही है।

