समझौते के कुछ घंटे बाद ही ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज, कहा- लेबनान से इजरायली सेना हटाओ: भड़के ट्रंप बोले- अब ईरान खत्म

अमेरिका के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की घोषणा के कुछ ही समय बाद ईरान ने एक बार फिर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद कर दिया है। ईरान ने इसके पीछे वजह बताते हुए कहा है कि इजरायल ने अब तक लेबनान से अपनी सेना नहीं हटाई है।

रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सभी जहाजों को निर्देश दिया है कि वे होर्मुज स्ट्रेट के पास न आएँ। IRGC का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते की सभी शर्तें पूरी होने तक यह जलडमरूमध्य बंद रहेगा। इन शर्तों में लेबनान से इजरायली सेना की वापसी भी शामिल है।

IRGC ने अपने बयान में कहा, “लेबनान से इजरायल की वापसी, नौसैनिक नाकेबंदी का पूरी तरह समाप्त होना और फारस की खाड़ी तथा पूरे क्षेत्र से अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी अमेरिका-ईरान समझौते की प्रमुख शर्तों में शामिल हैं। जब तक ये शर्तें पूरी नहीं होतीं, होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा। सभी जहाजों से सुरक्षा कारणों से इस क्षेत्र से दूर रहने को कहा जाता है। आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जाएगा।”

ईरान की यह घोषणा ऐसे समय आई है जब आज (19 जून) स्विट्जरलैंड में होने वाली अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता का पहला दौर रद्द कर दिया गया। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का स्विट्जरलैंड दौरा भी टाल दिया गया है। हालाँकि, बातचीत रद्द करने की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है।

इससे पहले पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) ने एक निर्देश जारी कर कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों को कम से कम 48 घंटे पहले अनुमति के लिए आवेदन देना होगा। अथॉरिटी ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के तहत निर्धारित 60 दिनों की अवधि में सभी जहाजों को यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

PGSA ने कहा, “जलडमरूमध्य में एंट्री या निकासी के दौरान किसी तरह की देरी से बचने के लिए आवश्यक है कि सभी जरूरी जानकारी के साथ आवेदन कम से कम 48 घंटे पहले जमा किया जाए। इस 60 दिन की अवधि के दौरान सुरक्षा, पर्यावरण और अन्य सेवाओं से जुड़े शुल्क तथा संबंधित ईरानी बीमा शुल्क जहाज मालिकों से नहीं लिए जाएंगे। इसका खर्च ईरान सरकार वहन करेगी।”

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान को लेकर कड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने लिखा, “हम किसी मजबूरी में बातचीत नहीं कर रहे थे, ईरान कर रहा था। ईरान खत्म हो चुका है। हम 60 दिन पूरे होने तक इंतजार करेंगे। उन्हें एक पैसा भी नहीं मिलेगा।”

ये घटनाक्रम इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है। शुक्रवार को इजरायली सेना ने पुष्टि की कि उसने दक्षिणी लेबनान में ईरान समर्थित आतंकी संगठन हिजबुल्लाह से जुड़े कई ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं।

इजरायल का कहना है कि ये हमले हिजबुल्लाह द्वारा युद्धविराम का उल्लंघन किए जाने के जवाब में किए गए। इन हमलों में करीब 16 लोगों की मौत होने की खबर है।