पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सत्ता संभालते ही गजब का पोरिबर्तन देखने को मिल रहा है। ताजा पोरिबर्तन कोलकाता की एक ऐसी सड़क का है, जिसका नाम पहले ‘बंगाल के कसाई’ पर था लेकिन अब शुभेंदु सरकार ने इसे बदलकर हिंदू नायक गोपाल मुखर्जी उर्फ गोपाल पाठा के नाम पर रख दिया गया है।
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि कई दशकों तक हमारे शहर की एक मुख्य सड़क का नाम ऐसे व्यक्ति के नाम पर था जिसने सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए राज्य की सत्ता को हथियार के तौर पर गलत इस्तेमाल किया और बेगुनाह नागरिकों के नरसंहार की साजिश रची।
I commend the historic decision taken by the Kolkata Municipal Corporation, yesterday, on the solemn occasion of Paschimbanga Divas, which would be instrumental in rectifying a historical wrong.
— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) June 21, 2026
Suhrawardy Avenue will now be renamed as Gopal Mukherjee Road.
For decades, a major… pic.twitter.com/eUmZj1msE9
उन्होंने आगे कहा, “अब इसका नाम बदलकर श्री गोपाल मुखर्जी के नाम पर रखा जा रहा है। वे निडर व्यक्ति जिन्होंने हजारों बेगुनाह लोगों की जान बचाने के लिए मुख्य रक्षक के तौर पर कदम उठाया था। इस तरह एक सच्चे रक्षक और बचाने वाले का सम्मान करके ऐतिहासिक न्याय बहाल किया जाएगा।” सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अब समय आ गया है कि पश्चिम बंगाल असली नायकों को याद करे, गलतियों को सुधारे और उनका सम्मान करे।
बता दें कि सुहरावर्दी एवेन्यू कोलकाता में पार्क सर्कस इलाके की एक प्रमुख सड़क का नाम सर हुसैन शहीद सुहरावर्दी के मामा सर हसन शहीद सुहरावर्दी के नाम पर रखा गया था। लोग मानते हैं कि इस सड़क का नाम हुसैन शहीद सुहरावर्दी के नाम पर रखा गया है, जिसने 1946 के बँटवारे के समय हुए दंगों के दौरान बंगाल में मुख्य भूमिका निभाई थी। इसीलिए उसे ‘बंगाल का कसाई’ कहा जाता है।
दूसरी ओर कोलकाता में जिस सड़क का नाम गोपाल पाठा के नाम पर रखा गया है, वो गोपाल पाठा हिंदुओं के नायक हैं, जिन्होंने कोलकाता में ‘डायरेक्ट एक्शन डे’ के दौरान हिंदुओं का पक्ष लिया था।

