भारत में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि भारत और रूस के रिश्ते बहुत मजबूत हैं और रूस के चीन के साथ बढ़ते संबंधों का भारत के साथ उसके पुराने और खास रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
इंडियन एक्स्प्रेस के साथ इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “हम कभी भी चीन के साथ अपने रिश्तों को भारत के साथ संबंधों पर असर नहीं डालने देंगे और न ही भारत के साथ रिश्तों को चीन के साथ संबंधों पर असर डालने देंगे। रूस के भारत और चीन, दोनों के साथ अपने-अपने मजबूत और स्वतंत्र रिश्ते हैं। भारत हमारी विदेश नीति और आर्थिक साझेदारी में सबे अहम देशों में से एक है।”
अलीपोव ने कहा कि पिछले कुछ सालों में रूस और चीन के रिश्ते काफी मजबूत हुए हैं, लेकिन रूस हमेशा चाहता है कि भारत के साथ उसकी साझेदारी भी उतनी ही गहरी और मजबूत बनी रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत एक व्यावहारिक और कारोबार को महत्व देने वाला देश है। कुछ क्षेत्रों में भारत ने सावधानी जरूर बरती है, लेकिन इसके बावजूद दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ा है। यह दिखाता है कि भारत अपने आर्थिक संबंधों को और ज्यादा देशों तक फैलाना चाहता है।
डेनिस अलीपोव ने कहा कि भारत और रूस दोनों कई क्षेत्रों में अपने रिश्तों को और मजबूत करना चाहते हैं। इनमें कामगारों की आवाजाही, उद्योग, खेती, ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी संपर्क जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सोवियत संघ ने भारत की आजादी की लड़ाई और उपनिवेशवाद से मुक्ति के प्रयासों का समर्थन किया था। अलीपोव के मुताबिक, भारत की आजादी से पहले से ही दोनों देशों के बीच अच्छे और भरोसेमंद रिश्ते रहे हैं।
उन्होंने कहा, “भारत और रूस के रिश्तों की नींव बहुत मजबूत है। छोटे-मोटे मुद्दों पर हमारी राय अलग हो सकती है, लेकिन दुनिया के बड़े और अहम मामलों या दोनों देशों के राष्ट्रीय हितों से जुड़े मुद्दों पर हमारे बीच कभी कोई बड़ा मतभेद नहीं रहा।”
रूसी राजदूत ने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को स्थिर, संतुलित और दोनों के लिए फायदेमंद बनाने के लिए एक बड़ा लक्ष्य यह है कि रूस को भारत से होने वाला निर्यात बढ़ाया जाए। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार में जो असंतुलन है, उसे कम करने में मदद मिलेगी। अलीपोव ने कहा, “भारत रूस का एक बेहद अहम रणनीतिक साझेदार है और उसी तरह रूस भी भारत का एक बेहद अहम रणनीतिक साझेदार बना हुआ है।”
(डेनिस अलीपोव के बयान के अधिक अंश पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें)

