होर्मुज में बहाल हुई आवाजाही, 11 भारतीय जहाज सुरक्षित पार: भारत पहुँच रहा 8.5 लाख टन से ज्यादा कच्चा तेल, 10 आने बाकी

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जंग रुकने के बाद होर्मुज समुद्री मार्ग से जहाजों का आवागमन फिर से सामान्य हो गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि 17 जून को हुए समझौते के बाद से अब तक भारत आने वाले 11 जहाज इस महत्वपूर्ण रास्ते को सुरक्षित पार कर चुके हैं।

इनमें भारतीय झंडे वाले 3 बड़े क्रूड ऑयल टैंकर भी शामिल हैं। फिलहाल 10 भारतीय जहाज पर्शियन गल्फ क्षेत्र में मौजूद हैं और दो अन्य टैंकर खाड़ी क्षेत्र में प्रवेश कर चुके हैं। सुरक्षित निकले इन जहाजों में ‘देश वैभव’, ‘देश विभोर’ और ‘सनमार हेराल्ड’ नाम के 3 विशाल भारतीय तेल टैंकर शामिल हैं।

इनमें करीब 8.60 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लदा है। यह तेल गुजरात के वडिनार, सिक्का और ओडिशा के परादीप बंदरगाह पहुँचेगा। इसके अलावा विदेशी झंडे वाले एक LPG कैरियर, एक कच्चे तेल के टैंकर और उर्वरक (फर्टिलाइजर) लेकर आ रहे 6 मालवाहक जहाज भी इस रास्ते से सुरक्षित निकल चुके हैं।

किसानों के लिए राहत की खबर

रसायन और उर्वरक मंत्रालय के मुताबिक यूरिया, डीएपी (DAP) और सल्फर से लदे जहाज आंध्र प्रदेश के कृष्णापट्टनम, काकिनाडा, ओडिशा के परादीप और गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुँच रहे हैं। होर्मुज दुनिया का एक बहुत ही संकरा और महत्वपूर्ण मार्ग है, जिससे भारत अपनी जरूरत का लगभग 80 से 85 प्रतिशत तेल आयात करता है। मार्ग सामान्य होने से भारत की ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा को बड़ी राहत मिली है।