श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावे और चंदे की राशि में हुई कथित हेराफेरी के मामले में अब तक का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, विवादों की सीधी आँच ट्रस्ट के शीर्ष नेतृत्व तक पहुँच गई है, जिसके बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और वरिष्ठ ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। हालाँकि इन हाई-प्रोफाइल इस्तीफों को लेकर अभी तक ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक लिखित बयान या औपचारिक पुष्टि जारी नहीं की गई है।
यह पूरा घटनाक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख और विशेष जाँच दल (SIT) की प्रारंभिक जाँच रिपोर्ट के बाद सामने आया है। एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट में की गई कठोर संस्तुति के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफ़ा दे दिया है: यूपी सरकार के सूचना निदेशक। pic.twitter.com/nybkEMWhTS
— IANS Hindi (@IANSKhabar) June 26, 2026
इससे पहले, इसी मामले में ट्रस्ट की शिकायत पर पहली एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें आठ लोगों को नामजद किया गया है। एसआईटी फिलहाल इस कथित वित्तीय अनियमितता के सिलसिले में आरोपियों के बैंक खातों, संपत्तियों, मोबाइल रिकॉर्ड और कथित लेन-देन की गहन पड़ताल में जुटी है।
यह इस्तीफे उस बड़ी कार्रवाई के ठीक बाद आए हैं, जिसमें एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर मंदिर के 8 सेवादारों और कर्मियों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार होने वालों में चंपत राय का पूर्व ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और मुख्य मास्टरमाइंड अनुकल्प मिश्र शामिल हैं।
चूँकि मुख्य दानपात्रों की चाभियाँ चंपत राय के पूर्व ड्राइवर के पास से बरामद हुई थीं और पूरा घोटाला उनके मातहत काम करने वाले कोर स्टाफ ने अंजाम दिया था, इसलिए नैतिक आधार पर उन पर पद छोड़ने का भारी दबाव था। इस मामले पर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है।

