संभल के ₹101 करोड़ के जमीन घोटाले में कौसर अहमद का नाम, सपा नेता आजम खान का है करीबी: 11 घंटे की पूछताछ में राजकुमार गुप्ता ने उगला सच

उत्तर प्रदेश के संभल के चर्चित ₹101 करोड़ के जमीन घोटाले में सपा नेता आजम खान के करीबी पूर्व नगर पालिका के चेयरमैन कौसर अहमद का नाम सामने आया है। यह खुलासा शाहजहाँपुर के तत्कालीन सहायक नगर आयुक्त राजकुमार गुप्ता से 11 घंटे की पूछताछ में हुआ है। गुप्ता ने बताया कि कौसर अहमद ही इस घोटाले का मुख्य आरोपित है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि शाहजहाँपुर के सहायक नगर आयुक्त राजकुमार गुप्ता को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की गई। इस दौरान राजकुमार से 100 से ज्यादा सवाल किए गए। राजकुमार ने बताया कि कौसर अहमद के इशारे पर साल 2013 में हाई कोर्ट से सरकारी जमीन का मुकदमा वापस लिया गया था, जिसके बाद करोड़ों की इस जमीन को गबन कर दिया गया।

एसपी बिश्नोई ने बताया कि 11 घंटे की पूछताछ के बाद राजकुमार गुप्ता का मेडिकल परीक्षण कराकर उन्हें वापस जेल भेज दिया गया है। इसके बाद पुलिस अब मुख्य आरोपित कौसर अहमद की तलाश में जुट गई है।

क्या है ₹101 करोड़ का घोटाला?

संभल का ₹101 करोड़ का जमीन घोटाला संभल-मुरादाबाद मार्ग पर स्थित तख्तगोसाईं गाँव में ग्राम समाज की लगभग 38 बीघा बेशकीमती भूमि को फर्जी दस्तावेजों से हड़पने का मामला है। इस महाघोटाले की शुरुआत वर्ष 1967 में हुई, जब तत्कालीन नगरपालिका चेयरमैन चिरंजीलाल (अब स्वर्गीय) ने नियमों को ताक पर रखकर कथित तौर पर सईदुल रहमान के नाम इस सरकारी जमीन का एक फर्जी पट्टा जारी कर दिया था।

इसके बाद साल 2008 में उपसंचालक चकबंदी खेम सिंह खड़क के एक आदेश के जरिए इस फर्जी पट्टे के आधार पर जमीन का नामांतरण निजी भू-माफियाओं के नाम करा दिया गया और फिर समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान तत्कालीन चेयरमैन कौसर अहमद (जिन्हें आजम खान का करीबी बताया जाता है) और तत्कालीन अधिशासी अधिकारी (EO) राजकुमार गुप्ता ने अपने निजी फायदे के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट से नगरपालिका की याचिका वापस ले ली, जिससे सरकारी जमीन को पूरी तरह खुर्द-बुर्द करने का रास्ता साफ हो गया।