लाखों लोगों का जमावड़ा, 10-12 घंटे की यात्रा और Kill ट्रंप के नारे: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को समर्थक यूँ दे रहे अंतिम सलाम, 13 देशों ने बनाई दूरी

दो दिवसीय सार्वजनिक विदाई समारोह के बाद ईरान के पूर्व दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की अंतिम यात्रा शुरू हो चुकी है। इसमें भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। लाखों लोग इसमें शामिल हैं। अनुमान है कि अंतिम यात्रा 10 से 12 घंटे तक चलेगा, लेकिन वर्तमान सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई इस जुलूस में शामिल नहीं हैं।

हालाँकि अली खामेनेई के बाकी तीन बेटे मसूद, मुस्तफा और मेसम इसमें शामिल हैं। ईरान के अधिकारियों के साथ राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और आरजीसीए प्रमुख अहमद वहीदी जुलूस में मौजूद हैं।

सड़क के दोनों किनारे पर मौजूद कई लोग अमेरिका और इजरायल विरोधी नारे लगाते हुए भी देखे गए। कई लोगों के हाथों में अमेरिका-इजरायल विरोधी बैनरे थे, जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप को जान से मारने की माँग की गई थी।

अंतिम यात्रा में लाल झंडे- बैनर लिए दिख रहे लोग

पूर्व सर्वोच्च नेता की अंतिम विदाई में शोक में लोग लाल बैनर और झंडे दिखा रहे हैं। इसका मतलब है कि खून का बदला खून से लेने की माँग।

तस्नीम समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक दिवंगत सर्वोच्च नेता और उनके परिवार के सदस्यों के ताबूत ले जा रही गाड़ी अब लोगों की भीड़ के बीच अंतिम संस्कार के लिए जुलूस में शामिल हो गई है।

सरकारी प्रेस टीवी के अनुसार, जनाजा जुलूस दमावंद स्ट्रीट, इमाम हुसैन स्क्वायर, एनकेलाब स्ट्रीट, एनकेलाब स्क्वायर, आजादी स्ट्रीट, आजादी स्क्वायर और मेहराबाद हवाई अड्डे के पास शहीद लश्गरी राजमार्ग से होते हुए 10 किलोमीटर (6.2 मील) के मार्ग से गुजरेगा। अंतिम यात्रा के बाद खामेनेई के पार्थिव शरीर को शिया संस्कारों के मुताबिक कोम में ले जाया जाएगा और सुपुर्द ए खाक किया जाएगा।

खामेनेई की अंतिम विदाई में दुनियाभर के करीब 70 देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। हालाँकि 13 देशों ने इससे दूरी बनाई है या अपना डेलिगेशन घटा दिया है। इसके पीछे अमेरिका की कूटनीति माना जा रही है। इनमें पूर्वी यूरोप के 3 देश, अफ्रीका के 5 देश, दो अरब देश और पूर्वी एशिया के दो प्रमुख देश शामिल हैं।