विस्तारवाद नहीं विकास के रास्ते पर चलता है भारत: PM मोदी, इंडोनेशिया की संसद से UNSC में भी सुधार की उठाई बात, पढ़ें अहम बातें

प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनिशिया के संसद को संबोधित किया और सर्वोच्च सम्मान देने के लिए आभार जताया। उन्होंने इशारों-इशारों में चीन के विस्तारवादी नीति की आलोचना की और कहा कि भारत विस्तारवाद नहीं, बल्कि विकासवाद के मार्ग पर चलता है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के रिफॉर्म पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए कहा, “आज ग्लोबर ऑर्डर तेजी से बदल रहा है। ऐसे में, हम जैसे विकासशील देश समान भागीदारी और अपनी बड़ी भूमिका माँग रहे हैं। इस वैश्विक परिवेश में भारत का स्पष्ट मानना है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रिफॉर्म को और टाला नहीं जा सकता। 2022 में इंडोनेशिया की G20 अध्यक्षता और 2023 में भारत की G20 अध्यक्षता, दोनों ने विकासशील देशों की प्राथमिकताओं को वैश्विक चर्चा के केंद्र में लाने का प्रयास किया।”

आतंकवाद पर भारत-इंडोनेशिया साथ-साथ

पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद जैसे विषयों पर भारत और इंडोनेशिया दोनों की एक राय रही है। पिछले वर्ष पहलगाम में जब जघन्य आतंकी हमला हुआ तब इंडोनेशिया भारत के साथ मज़बूती से खड़ा रहा। उन्होंने इसके लिए इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो और वहाँ की जनता के प्रति आभार जताया।

पीएम मोदी ने कहा, “हमारे दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त कार्य समूह के माध्यम से साथ काम कर रहे हैं। इंटेलिजेंस, साइबर खतरा और कट्टरपंथ से मुक्ति जैसे क्षेत्रों हम और सहयोग बढ़ाकर दुनिया में शांतिवादी ताकतों को मजबूती दे सकते हैं।”

इंडो पेसिफिक इलाके में नेविगेशन बढ़ाने पर जोर

इंडो पेसिफिक क्षेत्र में मुक्त नेविगेशन की वकालत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत एक आजाद, खुले और सबको साथ लेकर चलने वाले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र का समर्थक है। भारत इंडो-पैसिफिक इलाके में नेविगेशन की आजादी की वकालत करता है। उन्होंने कहा, “हमने इस अप्रोच के सेंटर में ASEAN को रखा है; हमारी ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ भी ASEAN-सेंट्रिक है। भारत और ASEAN के बीच बड़ी स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप लगातार आगे बढ़ रही है। इसलिए, भारत और इंडोनेशिया को इस दिशा में मिलकर काम करते रहना चाहिए।”