लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। बैठक में रखे गए 29 प्रस्तावों में से 28 को मंजूरी दे दी गई है। सरकार ने UP डेटा सेंटर नीति-2026 को हरी झंडी दे दी है। इससे प्रदेश में 2 लाख करोड़ का निवेश आएगा और 50 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
नई डेटा सेंटर नीति से यूपी को देश का पहला एआई-रेडी डेटा सेंटर हब बनाया जाएगा। इससे IT और इंजीनियरिंग क्षेत्र में नौकरियों की बाढ़ आएगी। योजना के तहत 7500 लोगों को स्थायी नौकरी मिलेगी। इसके साथ ही निर्माण कार्य के दौरान 50 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
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— Government of UP (@UPGovt) July 6, 2026
स्टार्टअप के लिए 1000 करोड़ का फंड
कैबिनेट ने ‘यूपी स्टार्टअप मिशन‘ के गठन को मंजूरी दी है। इसके लिए 1000 करोड़ रुपए का विशाल फंड बनाया गया है। इसमें एकेटीयू (AKTU) 400 करोड़ रुपए का योगदान देगा। इस मिशन के हेड राज्य के चीफ सेक्रेटरी होंगे। इनक्यूबेटर चलाने के लिए सालाना 40 लाख का अनुदान भी मिलेगा।
पशुपालकों के लिए ‘सीएम जोखिम पशुधन बीमा प्रबंधन योजना’ को मंजूरी मिली है। अब बीमारी या हादसे पर पशुओं का बीमा मिलेगा। इसमें किसान को केवल 15 फीसदी प्रीमियम देना होगा। सरकार ने मुर्रा भैंस का बीमा मूल्य 75 हजार रुपए तय किया है।
तीन नए विश्वविद्यालय और एक शहर का नाम बदला
कैबिनेट ने बिल्हौर में महर्षि योगी इंटरनेशनल कृषि विश्वविद्यालय को मंजूरी दी है। इसके अलावा फतेहपुर और गाजियाबाद में भी नए विश्वविद्यालय खुलेंगे। सरकार ने शाहजहाँपुर के जलालाबाद कस्बा का नाम बदलने के प्रस्ताव को भी पास कर दिया है।
बैठन में त्रिस्तरीय पंचायतों के लिए 14,988.50 करोड़ रुपए का बजट पास हुआ है। इस राशि से गाँवों का विकास होगा। इसी बजट से पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय और भत्तों का भुगतान भी किया जाएगा। मदरसे से जुड़ा एक प्रस्ताव फिलहाल टाल दिया गया है।

