इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय समुदाय के बीच पहुँचे, पूरा माहौल भारत माता के जयघोष और तालियों से गूँज उठा। बड़ी संख्या में मौजूद प्रवासी भारतीयों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पीएम मोदी भी लोगों से आत्मीयता के साथ मिले, बच्चों से बातचीत की और वहाँ मौजूद भारतीयों का उत्साह बढ़ाया।
अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विदेश में रहने वाला हर भारतीय, भारत का सांस्कृतिक दूत है। उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत की बढ़ती पहचान में प्रवासी भारतीयों का भी बड़ा योगदान है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए बॉलीवुड फिल्म ‘कुछ-कुछ होता है’ के मशहूर गाने का जिक्र किया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “फिल्म में आपने सुना होग- कुछ-कुछ होता है। लेकिन जब भारत और इंडोनेशिया साथ आगे बढ़ते हैं, तो सिर्फ ‘कुछ-कुछ’ नहीं, बल्कि ‘बहुत-कुछ’ होता है। उनकी इस बात पर पूरा हॉल तालियों से गूँज उठा।
#LIVE इंडोनेशिया में भारत का गाना 'कुछ कुछ होता है' पॉपुलर है-PM Modi#indonesia #PmMdi #pmspeech #PrabowoSubianto pic.twitter.com/p2iBhntj5r
— Republic Bharat – रिपब्लिक भारत (@Republic_Bharat) July 7, 2026
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया का रिश्ता आज का नहीं, बल्कि सदियों पुराना है। दोनों देशों को संस्कृति, इतिहास और लोगों के बीच गहरे संबंध जोड़ते हैं। उन्होंने कहा, “हमारा रिश्ता सिर्फ सरकारों का नहीं, बल्कि लोगों के दिलों का रिश्ता है।”
उन्होंने भारत की डिजिटल क्रांति का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत तेजी से बदल रहा है। भारत ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। आज भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की विकास यात्रा को नई गति दे रही है।” उन्होंने बताया कि डिजिटल तकनीक, UPI, स्टार्टअप और नवाचार ने भारत को नई पहचान दी है।
इससे पहले पीएम मोदी ने इंडोनेशिया की संसद को भी संबोधित किया। उनके दौरे में पीएम मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतों के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुईं। दोनों देशों ने रक्षा, कृषि, शिक्षा, डिजिटल तकनीक, AI, महत्पूर्ण खनिजों और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों नेताओं ने भारत-इंडोनेशिया साझेदारी को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का संकल्प भी दोहराया।
जकार्ता में पीएम मोदी का संदेश साफ था कि भारत और इंडोनेशिया की दोस्ती सिर्फ इतिहास तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के विकास और नई संभावनाओं की मजबूत नींव भी है।

