क्यों 25 साल पुराना मफलर पहन ऑकलैंड में PM मोदी ने किया भारतीयों को संबोधित? जानिए क्या-क्या बोले प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (11 जुलाई) को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में भारतीय समुदाय के एक बेहद शानदार कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान पूरा हॉल ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों से गूँज उठा। PM मोदी ने यहाँ प्रवासी भारतीयों के सामने दिल छू लेने वाली बातें कहीं और करीब तीन दशक पुराना एक बेहद भावुक किस्सा भी सुनाया।

इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान भारत और न्यूजीलैंड के बीच रिश्तों को नई ऊँचाई देने के लिए 18 बड़े फैसले लिए गए और 10 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों देशों ने साल 2030 तक आपसी व्यापार को दोगुना करके करीब 35 हजार करोड़ रुपए तक पहुँचाने का बड़ा लक्ष्य रखा है।

तीन दशक पुराने मफलर का भावुक किस्सा

PM मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए एक बहुत ही पुराना और दिलचस्प वाकया साझा किया। उन्होंने बताया कि करीब 25-30 साल पहले, जब वह किसी सरकार का हिस्सा नहीं थे और उन्हें सार्वजनिक जीवन में बहुत कम लोग जानते थे, तब उन्हें न्यूजीलैंड आने का मौका मिला था। उस यात्रा के दौरान उन्हें यहाँ के एक नागरिक ने तोहफे में तीन चीजें दी थीं, जिनमें एक मफलर, एक टोपी और दस्ताने शामिल थे।

PM मोदी ने गर्व से बताया कि वह उसी 25 साल पुराने मफलर को संभाल कर रखे हुए हैं और आज इस कार्यक्रम में भी उसे पहनकर आए हैं। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड की यह याद हमेशा उनके दिल के बेहद करीब रही है। प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के रिश्तों की गहराई को समझाते हुए कहा कि भारत के लिए सामने वाले देश की जनसंख्या का आकार मायने नहीं रखता, बल्कि उसकी जनकल्याण की भावना सबसे अहम होती है।

PM मोदी ने न्यूजीलैंड की तारीफ करते हुए कहा कि हमने इस खूबसूरत देश से हमेशा बहुत कुछ सीखा है। न्यूजीलैंड दुनिया का वह पहला देश है जिसने सबसे पहले महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिया था। आज न्यूजीलैंड के समाज में महिलाएँ बहुत बड़ा योगदान दे रही हैं। इसी सोच से सीख लेते हुए आज भारत भी ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है और देश की बेटियों के लिए संभावनाओं के नए दरवाजे खोल रहा है।

चंद्रयान की लैंडिंग पर झूम उठा था पूरा न्यूजीलैंड

अंतरिक्ष के क्षेत्र में दोनों देशों की गहरी दोस्ती का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड का भविष्य आपस में बहुत मजबूती से जुड़ा हुआ है। स्पेस सेक्टर इसका एक जीता-जागता प्रमाण है।

PM मोदी ने कहा कि जब भारत का चंद्रयान चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लैंड हुआ था, तब भारत के साथ-साथ पूरा न्यूजीलैंड भी खुशी से झूम उठा था और नाच रहा था। उस ऐतिहासिक पल ने हम सभी का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया था। भारत की इस महान सफलता में न्यूजीलैंड की बेहतरीन तकनीक का भी बहुत बड़ा योगदान रहा है।

हजारों किलोमीटर दूर रहकर भी दिल में बसता है हिंदुस्तान

प्रवासी भारतीयों की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आप लोग भले ही भारत से हजारों किलोमीटर दूर रह रहे हैं, लेकिन आपके दिल के किसी न किसी कोने में हमेशा हिंदुस्तान धड़कता रहता है। भले ही आपका शरीर यहाँ हो, लेकिन आपका मन हमेशा भारत से जुड़ा रहता है।

यही वजह है कि आप भारत की हर एक छोटी-बड़ी उपलब्धि पर हमेशा नजर रखते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय लोग जिस भी देश में जाते हैं, वहां की तरक्की में अपना पूरा योगदान देते हैं। हम लोग जितना प्यार अपनी जन्मभूमि से करते हैं, उतना ही समर्पण अपनी कर्मभूमि के प्रति भी रखते हैं।

सड़कों पर दिखता है भारतीय शहरों का मान-सम्मान

न्यूजीलैंड में भारतीय संस्कृति के प्रभाव को बताते हुए PM मोदी ने कहा कि यहां की सड़कों और रास्तों को भी भारतीय शहरों के नाम देकर बड़ा सम्मान दिया गया है। यहाँ कहीं खंडाला हिल्स है, कहीं बॉम्बे हिल्स है, तो कहीं कोरोमंडल, कलकत्ता स्ट्रीट, दिल्ली क्रिसेंट और अमृतसर स्ट्रीट जैसे नाम मौजूद हैं।

इन इलाकों में रहते हुए आप सभी लोग पूरी तरह से कीवी समाज का हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने गर्व से कहा कि जब भी मैं न्यूजीलैंड के नेताओं से मिलता हूँ, वे आप सभी की जमकर तारीफ करते हैं। प्रशंसा आपकी होती है, लेकिन गर्व से सिर मेरा ऊँचा हो जाता है।

अब 40 साल का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा: मोदी की गारंटी

प्रधानमंत्री ने वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती ताकत का पूरा ब्योरा जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के सामने तमाम चुनौतियाँ हैं, लेकिन इसके बावजूद भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन बनाने वाला देश है और मोबाइल डेटा इस्तेमाल करने के मामले में सबसे आगे है।

हम दुनिया के दूसरे सबसे बड़े मोबाइल निर्माता हैं। अंत में उन्होंने एक बड़ा भरोसा देते हुए कहा कि इस बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री को यहाँ आने में 40 साल का लंबा वक्त लग गया, लेकिन अब आगे इतना लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब भारत के प्रधानमंत्री जल्द-जल्द यहाँ आएँगे और यह मोदी की गारंटी है।