गाजियाबाद में 7 साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या की आशंका, निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में मिला शव: हिरासत में 2 आरोपित, पढ़ें- UP पुलिस ने क्या बताया

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के राजनगर एक्सटेंशन में 7 साल की बच्ची की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बच्ची का शव शनिवार (11 जुलाई 2026) सुबह एक निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट से बरामद हुआ। शुरुआती जाँच में पुलिस दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जता रही है। मामले की जाँच के लिए फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया है, जबकि दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बच्ची अपने परिवार के साथ राजनगर एक्सटेंशन इलाके में रहती थी। शुक्रवार (10 जुलाई 2026) की शाम वह घर के बाहर खेल रही थी। काफी देर तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। आसपास के लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने बच्ची की तलाश शुरू कर दी और आसपास के इलाकों में सर्च अभियान चलाया।

शनिवार की सुबह राजनगर एक्सटेंशन स्थित एक निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में बच्ची का शव मिलने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर जाँच शुरू की और वहाँ से जरूरी सबूत जुटाए।

पुलिस की शुरुआती जाँच में बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई गई है। हालाँकि अधिकारियों ने साफ कहा है कि दुष्कर्म की पुष्टि मेडिकल जाँच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

परिजनों का आरोप है कि बच्ची के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई। उनका कहना है कि बच्ची के सिर पर गंभीर चोट के निशान थे और शरीर पर भी कई चोटें थीं। परिवार ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और उन्हें फाँसी की सजा देने की माँग की है।

मामले में तीन लोगों के खिलाफ अपहरण और गैंगरेप का केस दर्ज किया गया है, वहीं दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि बच्ची की आखिरी गतिविधियों और वारदात में शामिल लोगों तक पहुँचा जा सके।

घटना के बाद इलाके में लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिला। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुँचे और आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की। लोगों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और प्रशासन से ऐसे मामलों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की माँग की।