‘इंडिया पर ठोको 500% टैरिफ’ कहने वाले अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम की मौत, कुछ दिन पहले ही यूक्रेन से लौटा था: जानिए खामेनेई के जनाजे में ट्रंप के साथ क्यों दिखे थे इसके पोस्टर

अमेरिकी राजनीति के सबसे मुखर और विवादित चेहरों में गिने जाने वाले रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम अब इस दुनिया में नहीं रहे। 71 वर्षीय ग्राहम का शनिवार (11 जुलाई 2026) रात एक संक्षिप्त और अचानक हुई बीमारी के बाद निधन हो गया। ग्राहम के ऑफिस ने आधिकारिक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की।

ग्राहम की मौत पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “वह सबसे महान लोगों और सीनेटरों में से एक थे, जिन्हें मैं जानता था। वे हमेशा काम में लगे रहते थे और एक सच्चे अमेरिकी देशभक्त थे। लिंडसे की बहुत याद आएगी!”

बता दें कि दक्षिण कैरोलिना से 2003 से अमेरिकी सीनेट का प्रतिनिधित्व कर रहे लिंडसे ग्राहम 2016 के चुनाव के दौरान ट्रंप के आलोचक थे, लेकिन समय के साथ वह उनके सबसे करीबी राजनीतिक सहयोगियों में शामिल हो गए। खासकर विदेश नीति, रूस, यूक्रेन, ईरान और इजरायल जैसे मुद्दों पर ग्राहम की राय अक्सर ट्रंप प्रशासन की नीति से मेल खाती थी।

खामेनेई के जनाजे में ट्रंप के साथ दिखे थे ग्राहम के पोस्टर

लिंडसे ग्राहम के निधन की खबर ऐसे समय में आई है जब कुछ ही दिन पहले ईरान के इस्लामी कट्टरपंथियों ने उन्हें खुलेआम जान से मारने की धमकी दी थी। तेहरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे के दौरान डोनाल्ड ट्रंप के साथ-साथ लिंडसन ग्राहम के भी पोस्टर नजर आए थे, जिनके चेहरों पर लाल रंग के निशाने बने हुए थे। साथ में लिखा था, “देर-सबेर, तुम्हारे सिर कलम कर दिए जाएँगे।”

सीनेटर ग्राहम ने इन धमकियों का जवाब भी दिया था। उन्होंने धमकी वाली तस्वीरों के पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए मजाकिया अंदाज में लिखा, “कम से कम उन्होंने मेरी अच्छी तस्वीर तो इस्तेमाल की। मेरे दुश्मनों से ही मुझे परखें।”

खामेनेई के जनाजे में ग्राहम के पोस्टर दिखने की वजह उनका ईरान पर अमेरिकी हमलों से पहले दिया गया विवादित बयान है। जब जनवरी 2026 में फॉक्स न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में लिंडसे ग्राहम ने ‘अयातुल्ला के बजाय ईरानी लोगों’ का साथ देने के लिए ट्रंप की तारीफ की और ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को ‘आज के दौर का हिटलर’,’मजहबी नाजी’ और ‘बहुत बुरा इंसान’ बताया था।

इसी इंटरव्यू में ग्राहम ने ट्रंप से कहा, “मिस्टर प्रेसिडेंट, अगर मैं आपकी जगह होता तो मैं उस लीडरशिप को खत्म कर देता जो लोगों की जान ले रही है। आपको इसे खत्म करना होगा।” इंटरव्यू के दौरान ग्राहम ने यह भी कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर को हटाने से इलाके में शांति लाने में मदद मिलेगी।

ग्राहम का यह इंटरव्यू दिसंबर और जनवरी में ईरान में विद्रोह के दौरान का है, जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानियों का साथ दिया था।

लिंडसे ग्राहम का भारत-विरोधी रुख

लिंडसे ग्राहम अमेरिका के उन नेताओं में से हैं, जो भारत के खिलाफ खुलकर बयान देते हैं। जनवरी 2026 में ही उन्होंने कहा था कि ट्रंप ने उस ग्राहम-ब्लूमेंथल सैंक्शंस बिल को मंजूरी दे दी है और अब रूस के सस्ता तेल खऱीदने वाले देशों पर अमेरिकी राष्ट्रपति 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकते हैं। बता दें कि इस बिल के तहत अमेरिका भारत पर भी 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकते है क्योंकि भारत भी अपनी जरूरत का 50 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल रूस से खरीदता है।

इस प्रस्तावित कानून का खाका लिंडसे ग्राहम ने ही तैयार किया था और सीनेट में भी उन्होंने ही इस बिल को पेश किया था। इसीलिए इस बिल के उनका ही नाम दिया गया है, हालाँकि अमेरिकी संसद में आधिकारिक तौर पर इस बिल को ‘Sanctioning Russia Act‘ कहा जाता है जिसे 85 सीनेटर का समर्थन भी मिल चुका है। अब इस कानून का आखिरी मसौदा पेश किया जाएगा। इसके बाद अमेरिकी संसद में इस पर अंतिम वोटिंग कराई जाएगी।

इसके अलावा इसी साल फरवरी 2026 में ग्राहम ने दावा किया कि भारत ने रूसी तेल की अपनी खरीद में काफी कमी की है और तर्क दिया कि दिल्ली पर ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ इस बात का ‘अच्छा उदाहरण’ थे कि कैसे नीतिगत उपाय देशों के काम को प्रभावित कर सकते हैं।