कमरों की दीवारों पर खून की छींटे हैं। एक कमरे में पति की लाश पड़ी है और दूसरे कमरे में खून से लथपथ बेटा तड़प रहा है और उसी के बगल में एक औरत आराम से मोबाइल फोन स्क्रोल कर रही है। यह मंजर देखकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो सकते हैं। पहली नजर में ऐसा लगता है मानो किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म का सीन हो, लेकिन यह किसी फिल्म की कहानी नहीं बल्कि कर्नाटक के धारवाड़ शहर की एक दिल दहला देने वाली हकीकत है। बिस्तर के पास बैठी महिला पेशे से डॉक्टर है और खून से लथपथ पड़े दोनों लोग उसके अपने पति और आठ साल के बेटे हैं। पति की साँसें हमेशा के लिए थम चुकी हैं, जबकि मासूम बेटा जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल में जंग लड़ रहा है।
यह सनसनीखेज वारदात 15 जुलाई 2026 की रात धारवाड़ के एसडीएम डेंटर कॉलेज परिसर के पास स्टाफ क्वार्टर में हुई। मृतक की पहचान 38 वर्षीय डॉ. किरण होन्नानावर के रूप में हुई है, जो एसडीएम डेंटल कॉलेज में फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर हैं। वहीं उनकी पत्नी प्रियंका भी उसी संस्थान में प्रोफेसर हैं। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जाँच में सामने आया कि पति-पत्नी के बीत लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था और उसी तनाव में इस खौफनाक वारदात का रूप ले लिया।
बताया जा रहा है कि देर रात दोनों के बीच एक बार फिर तीखी बहस हुई। आरोप है कि इसी दौरान डॉ. प्रियंका ने पहले अपने पति पर चाकू से कई वार किए। हमला इतना जानलेवा था कि डॉ. किरण की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उन्होंने अपने आठ वर्षीय बेटे पर भी चाकू से हमला कर दिया। बच्चे के शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान होकर बिस्तर पर गिर पड़ा।
वारदात के बाद जो दृश्य सामने आया, उसने सभी को झकझोर दिया। जब रिश्तेदार उनके फ्लैट के भीतर पहुँची तो डॉ. किरण का शव खून से लथपथ बिस्तर पर पड़ा था। उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हालत में वहीं पड़ा हुआ था, जबकि आरोपित महिला डॉक्टर उसी बिस्तर के पास बैठकर मोबाइल फोन चला रही थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक महिला के चेहरे पर किसी तरह की घबराहट नहीं थी। उसने भागने की भी कोशिश नहीं की।
Shocking image from the Dharwad doctor murder case is leaving people stunned.
— Harish Upadhya (@harishupadhya) July 16, 2026
8 year old boy in a pool of blood, a video appears to show his mother on adjacent bed looking at her mobile phone.
The child survived only because Commissioner Shashikumar noticed he was still alive pic.twitter.com/rZQXAKbX3S
घायल बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टर उसकी जान बचाने की कोशिश में जुटे हैं। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है।
अब तक मिली जानकारी के अनुसार, जब मृतक डॉ. किरण के दोस्तों और रिश्तेदारों ने मंगलवार की रात संपर्क करने की कोशिश की तो प्रियंका ने फोन उठाकर डॉ. किरण के आराम करने और ड्यूटी जाने जैसे बहाने दिए थे। इसके बाद पुलिस की जानकारी दी गई।
सूचना मिलने के बाद धारवाड़ उपनगर थाना पुलिस, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुँची। पूरे फ्लैट को सील कर दिया गया और घटनास्थल से खून से सना चाकू सहित कई अहम सबूत जुटाए गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
प्रारंभिक पूछताछ के बाद पुलिस ने डॉ. प्रियंका को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों के अनुसार उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस आरोपित महिला की मानसिक स्थिति और पिछले कुछ समय से चल रहे पारिवारिक विवाद के पहलुओं की भी जाँच की जा रही है।

