भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किए गए अमेरिकी नागरिक जॉर्डन ब्राउन मामले में जाँच अब और गहरी हो गई है। जाँच एजेंसियों ने पिछले तीन महीनों के दौरान उसकी भारत में आवाजाही का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया है।
इसमें सामने आया है कि वह बेहद कम समय में गोवा, कर्नाटक, तेलंगाना, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में लगातार घूमता रहा। अधिकारियों का कहना है कि किसी सामान्य विदेशी पर्यटक का इस तरह का यात्रा पैटर्न नहीं होता। यही वजह है कि अब उसके हर सफर, हर ठिकाने और हर संपर्क की बारीकी से जाँच की जा रही है।
तीन महीने में कई राज्यों का किया सफर, एजेंसियों को बढ़ा शक
न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, जॉर्डन ब्राउन 28 मार्च से 7 मई तक गोवा के कनाकोना में रुका था। इसके बाद वह 14 मई से 7 जुलाई तक कर्नाटक के मैसूर में रहा। 8 जुलाई को वह बेंगलुरु पहुँचा और अगले ही दिन हैदराबाद चला गया।
10 जुलाई को उसने एक ही दिन में मध्य प्रदेश के बांधोल और सिवनी होते हुए उत्तर प्रदेश के प्रयागराज तक यात्रा की। इसके अगले दिन यानी 11 जुलाई को वह सोनौली सीमा के पास भगवानपुर इलाके में पहुँच गया, जहाँ से वो अवैध रास्ते से नेपाल में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था।
खुफिया अधिकारियों का कहना है कि इतने कम समय में अलग-अलग राज्यों के बड़े शहरों के साथ छोटे कस्बों तक पहुँचना सामान्य बात नहीं है। इसलिए अब यह पता लगाया जा रहा है कि इन यात्राओं का असली मकसद क्या था।
पूछताछ में कई विरोधाभासी बयान, दस्तावेजों पर भी सवाल
जाँच एजेंसियों के मुताबिक जॉर्डन ब्राउन पूछताछ के दौरान लगातार अलग-अलग बयान दे रहा है। उसने अपने पासपोर्ट खोने, भारत आने के तरीके और अपनी यात्रा को लेकर अलग-अलग दावे किए हैं। अधिकारियों को उसके पासपोर्ट और अन्य यात्रा दस्तावेजों के गायब होने की कहानी पर भी भरोसा नहीं है।
एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि दस्तावेज वास्तव में खो गए थे या फिर जानबूझकर छिपाए गए थे। उसके भारत आने की पूरी टाइमलाइन और अलग-अलग शहरों में मौजूदगी की भी जाँच की जा रही है।
मानसिक स्थिति और सैन्य प्रशिक्षण की भी हो रही जाँच
पूछताछ रिपोर्ट में पुलिस ने यह भी दर्ज किया है कि जॉर्डन का व्यवहार कई बार असामान्य दिखाई दिया। जाँच एजेंसियाँ यह संभावना भी देख रही हैं कि कहीं वह युद्ध के दौरान हुए मानसिक आघात (PTSD) या किसी अन्य मानसिक समस्या से तो नहीं जूझ रहा था। साथ ही लंबे समय तक नशे के इस्तेमाल की आशंका की भी जाँच की जा रही है।
अधिकारियों का यह भी मानना है कि सीमा पर सुरक्षाबलों को देखकर उसका तुरंत खेतों की ओर भागना उसके सैन्य प्रशिक्षण का असर हो सकता है। उसने दावा किया है कि वह करीब छह साल तक अमेरिकी नौसेना और स्पेशल फोर्स से जुड़ा रहा था। जाँच एजेंसियाँ इस दावे की भी पुष्टि कर रही हैं।
फिलहाल जासूसी के सबूत नहीं, लेकिन जाँच जारी
राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) भी मामले के कुछ पहलुओं की जाँच कर रही है। फिलहाल एजेंसियों को ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि जॉर्डन ब्राउन भारत विरोधी गतिविधियों या जासूसी में शामिल था। हालाँकि, अधिकारी किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं और जाँच अभी जारी है।
सुरक्षा एजेंसियाँ यह भी जाँच रही हैं कि वह गोवा में पार्टी और नशे के लिए अक्सर आता था या इसके पीछे कोई दूसरा कारण था। अभी तक शुरुआती जाँच में नशे की तस्करी जैसी कोई पुष्टि नहीं हुई है लेकिन उसके सभी संपर्कों की जाँच की जा रही है।
सोनौली बॉर्डर पर ऐसे पकड़ा गया था जॉर्डन ब्राउन
जॉर्डन ब्राउन को सशस्त्र सीमा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस ने उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में भारत-नेपाल सीमा के पास सोनौली बॉर्डर पर पिलर नंबर 516 के नजदीक पकड़ा था। वह पगडंडी के रास्ते नेपाल में घुसने की कोशिश कर रहा था। जवानों ने उसे रोकने का प्रयास किया तो वह भागने लगा, लेकिन सुरक्षाबलों और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से उसे पकड़ लिया गया।
तलाशी में उसके पास कोई वैध पासपोर्ट या वीजा नहीं मिला। उसके पास से दो टूटे हुए मोबाइल फोन, एक चीनी पासपोर्ट और AI ट्रांसलेशन डिवाइस भी बरामद होने की बात सामने आई। पूछताछ में उसने पहले कहा कि वह नवंबर 2025 में भारत आया था और उसका वीजा जनवरी 2026 में खत्म हो गया था। बाद में उसने दावा किया कि उसका पासपोर्ट थाईलैंड में खो गया था और वह श्रीलंका के रास्ते समुद्री मार्ग से भारत पहुँचा था।
उसने यह भी बताया कि वह मुंबई, गोवा, दिल्ली, वाराणसी और बेंगलुरु समेत कई शहरों में घूम चुका है। अब जाँच एजेंसियाँ इन शहरों के सीसीटीवी फुटेज, उसके मोबाइल डेटा और उसके संपर्क में आए लोगों की जाँच कर रही हैं।
राज, चेतन और नाज नाम के जिन लोगों का जिक्र सामने आया है, उनकी भी तलाश की जा रही है। फिलहाल जॉर्डन ब्राउन महाराजगंज जेल में है और मामले की जांच कई केंद्रीय और राज्य एजेंसियाँ मिलकर कर रही हैं।

