पाकिस्तान के अशांत बलोचिस्तान प्रांत में एक बार फिर सुरक्षा बलों को बड़ा झटका लगने का दावा किया गया है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने कहा है कि उसके लड़ाकों ने मस्तुंग जिले के खडकोचा क्षेत्र में पाकिस्तानी फौज के काफिले पर सुनियोजित हमला किया। संगठन के अनुसार इस कार्रवाई में 45 से अधिक फौजी मारे गए, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
हालाँकि पाकिस्तान की फौज या सरकार ने अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। BLA के प्रवक्ता जीयंद बलोच ने बयान जारी कर कहा कि इस अभियान को संगठन की विशेष इकाई ‘फतह स्क्वाड’ ने अंजाम दिया। संगठन का दावा है कि हमले का निशाना पाकिस्तानी फौजियों को लेकर जा रही बसें, उनके सुरक्षा एस्कॉर्ट और बाद में घटनास्थल पर पहुँची अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियाँ थीं।
Baloch Liberation Army claims 45 Pakistani soldiers have been killed in Mastung attack of Pakistan Occupied Balochistan (PoB). pic.twitter.com/WGm0wXK3bX
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) July 16, 2026
BLA ने अपने बयान में कहा है कि यह हमला पहले से बनाई गई रणनीति के तहत किया गया। पहले सैन्य काफिले को घात लगाकर निशाना बनाया और जब अतिरिक्त फौजी मौके पर पहुँचे तो उन्हें भी हमले की जद में लिया गया।
BLA के मुताबिक, हमले के बाद दोनों पक्षों के बीच लंबे समय तक मुठभेड़ जारी रही, जिसके चलते मृतकों की संख्या बढ़ने की भी आशंका जताई गई है। संगठन ने यह भी कहा है कि वह जल्द ही इस पूरे अभियान, अपनाई गई रणनीति और पाकिस्तानी फौज को हुए कथित नुकसान से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करेगा।
बलूचिस्तान में BLA ने उड़ाए थे पाकिस्तानी कोस्ट गार्ड के 30 जवान
गौरतलब है कि इससे पहले BLA ने ग्वादर जिले के जिवानी इलाके में पाकिस्तान कोस्ट गार्ड्स के कैंप पर फिदायीन हमला किया था। BLA के मुताबिक, इस हमले में 30 से ज्यादा पाकिस्तानी फौजी मारे गए और कई अन्य घायल हुए। BLA के बयान के अनुसार, 3 जुलाई 2026 की शाम को उसकी खास ‘मजीद ब्रिगेड’ ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
संगठन का कहना है कि अताउल्लाह बलूच उर्फ अजमल नाम के आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरे ट्रक को जिवानी के पनवान स्थित पाकिस्तान कोस्ट गार्ड्स के कैंप में घुसा दिया। इसके बाद जोरदार धमाका हुआ, जिससे कैंप का बड़ा हिस्सा मलबे में बदल गया।
इससे पहले क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस को बलोच विद्रोहियों ने हाइजैक किया था। इसमें 400 से अधिक यात्री सवार थे। इनमें से बड़ी संख्या पाकिस्तान के फौजियों की थी।

