जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के भद्रवाह इलाके में आधी रात को एक बड़ी फायरिंग की घटना घटी। यहाँ जाई वैली इलाके में पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की कार्रवाई के दौरान एक ऑटो चालक आरिफ हुसैन की गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना उस समय हुई जब एक संदिग्ध पुलिसकर्मियों से बंदूक छीनने की कोशिश करने लगा।
आधी रात को नाके पर हाथापाई और फायरिंग
यह पूरी घटना भद्रवाह शहर से करीब 35 किलोमीटर दूर ऊँचाई पर स्थित जाई-गांडोह सड़क पर हुई। SOG की टीम को इलाके में कुछ संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी, जिसके बाद जवानों ने वहाँ घात लगाकर नाकाबंदी की थी। रात के वक्त जब टीम ने वहाँ से गुजर रहे 2 संदिग्धों को रोका, तो मामला अचानक बिगड़ गया। आरोप है कि रुकने के बजाय उन संदिग्धों ने अचानक जवानों पर हमला बोल दिया।
इस दौरान एक संदिग्ध ने जवान की सर्विस राइफल छीनने का प्रयास किया, जिससे दोनों पक्षों में बहसबाजी और हाथापाई हुई। इसी छीनाझपटी और हाथापाई के बीच एक जवान की बंदूक से गोली चल गई। यह गोली सीधे उस संदिग्ध को जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। इस पूरी हाथापाई में SOG के तीन से चार जवानों को भी चोटें आईं, जिनमें से एक जवान के सिर पर गंभीर चोट लगी है।
अस्पताल में तोड़ा दम और पुलिस की शुरुआती जाँच
गोली लगने के बाद घायल संदिग्ध और चोटिल पुलिसकर्मियों को तुरंत नजदीकी उप-जिला अस्पताल भद्रवाह ले जाया गया। वहाँ घायल संदिग्ध की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज डोडा रेफर कर दिया। हालाँकि, इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान 30 वर्षीय आरिफ हुसैन के रूप में हुई है, जो एक ऑटो चालक था और चीका गाँव का रहने वाला था।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस घटना में अभी तक कोई आतंकी एंगल सामने नहीं आया है। शुरुआती जाँच में यह बात निकलकर आई है कि मृतक कथित तौर पर मवेशियों की तस्करी (कैटल स्मगलिंग) के काम में शामिल था। घटना के वक्त आरिफ के साथ मौजूद दूसरा संदिग्ध अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस ने इस मामले में एक धार्मिक प्रचारक को भी हिरासत में लिया है।
CRPF ने 10 हजार फीट की ऊँचाई पर ध्वस्त किए आतंकी ठिकाने
इस बीच, जम्मू-कश्मीर की पहाड़ियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक और बड़ी कामयाबी मिली है। केंद्रीय अर्धसैनिक बल (CRPF) ने राज्य की दुर्गम पहाड़ियों में करीब 10 हजार फीट की ऊँचाई पर स्थित आतंकियों के पुराने ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत विभिन्न संवेदनशील इलाकों में 55 अस्थायी ऑपरेशन बेस (Temporary Operation Bases) बनाए गए हैं।
पहले इतनी अधिक ऊँचाई वाले इलाकों में सुरक्षा बलों की नियमित गश्त नहीं हो पाती थी, जिसका फायदा उठाकर आतंकवादी वहाँ अपने छिपने की जगह बना लेते थे। लेकिन जुलाई 2025 के बाद से CRPF ने इन ऊँचाई वाले क्षेत्रों में अपने पक्के बेस स्थापित कर दिए हैं। सुरक्षा बलों की इस मुस्तैदी के कारण आतंकियों को वे ठिकाने छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है, जहाँ वे कई सालों से महफूज बैठे थे। अब जवानों की टोलियाँ छोटे-छोटे अंतराल पर यहां पेट्रोलिंग करती हैं ताकि आतंकी दोबारा सक्रिय न हो सकें।

