वही हाल होगा जो कॉन्ग्रेस का हुआ… ‘कॉकरोचों’ के सरदार अरविंद केजरीवाल ने मारी जंतर-मंतर पर एंट्री, कहा- सोनम वांगचुक को बनाओ शिक्षा मंत्री

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आखिरकार बाहर आ ही गए हैं। वे ‘कॉकरोच आंदोलन’ को अपना समर्थन देने गुरुवार (16 जुलाई) को सीधे जंतर-मंतर पहुँचे। केजरीवाल ने अभिजीत दीपके को गले लगाया।

जंतर-मंतर पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 19 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। केजरीवाल ने वहाँ पहुँचकर न केवल आंदोलन को हवा दी, बल्कि केंद्र सरकार को बड़ी चेतावनी भी दे डाली।

अरविंद केजरीवाल ने मंच से बोलते हुए केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने युवाओं, कॉकरोच आंदोलन और सोनम वांगचुक की बात नहीं सुनी, तो तीन साल बाद उनका भी वही हाल होगा जो 2014 में कॉन्ग्रेस का हुआ था।

इसके साथ ही केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को एक अनोखा सुझाव दे डाला। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत पद से हटा देना चाहिए और उनकी जगह सोनम वांगचुक को देश का नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री बना देना चाहिए।

‘जादू की झप्पी’ और कॉकरोच आंदोलन को समर्थन

अरविंद केजरीवाल गुरुवार (16 जुलाई) की शाम को अचानक जंतर-मंतर के धरना स्थल पर पहुँचे। वहाँ पहुँचते ही उन्होंने सबसे पहले ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर अभिजीत दीपके से मुलाकात की। केजरीवाल ने गर्मजोशी दिखाते हुए अभिजीत दीपके को गले लगा लिया और अपनी मशहूर ‘जादू की झप्पी’ दी। इसके बाद वे सीधे मंच की तरफ बढ़े, जहाँ सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।

मंच पर पहुँचकर केजरीवाल ने सोनम वांगचुक के पास बैठकर उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने वांगचुक के जज्बे की तारीफ की और कहा कि वे देश की धरोहर हैं। केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहले ही साफ कर दिया था कि वे जंतर-मंतर जाकर इस आंदोलन को अपना पूरा समर्थन देंगे। उन्होंने वांगचुक से अपनी भूख हड़ताल खत्म करने की अपील भी की, क्योंकि उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।

पेपर लीक पर केजरीवाल ने दिया मुफ्त का ज्ञान

अरविंद केजरीवाल ने देश में हो रहे पेपर लीक के मामलों पर कहा कि देश में जितनी भी प्रतियोगी परीक्षाएँ होती हैं, वे युवाओं के लिए सिर्फ एक पेपर नहीं होती हैं। ये परीक्षाएँ देश के लाखों बच्चों और उनके परिवारों का एक बड़ा सपना होती हैं। सरकार को इन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का कोई हक नहीं है।

केजरीवाल अपने पुराने दिनों को याद करते हुए लोगों को बहला-फुसलाकर बता रहे है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने खुद भी कभी आईआईटी की परीक्षा दी थी। मगर उस पुराने समय में कभी भी इस तरह से पेपर लीक नहीं होते थे। इतना ही नहीं, उनके दोनों बच्चों ने भी आईआईटी से ही अपनी पढ़ाई पूरी की है। उनके बच्चों के समय में भी कभी पेपर लीक जैसी धांधली देखने को नहीं मिली थी, लेकिन आज हालात बेहद खराब हो चुके हैं।