उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक 15 साल की हिंदू लड़की की बेरहमी से हत्या की। यहाँ एक 30 साल के सनकी स्टॉकर शहनवाज ने हिंदू लड़की से छेड़छाड़ की थी, जिसका युवती ने विरोध किया था। बदला लेने के लिए शहनवाज ने लड़की को चौथी मंजिल से नीचे फेंक दिया।
पुलिस ने आरोपित शहनवाज को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जाँच के बाद आरोपित के खिलाफ दर्ज FIR में हत्या की धाराएँ भी जोड़ दी हैं। यह वारदात बुधवार (15 जुलाई) की रात करीब 10 बजे गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र में हुई।
दूध लेने गई थी बच्ची, जबरन ले गया छत पर
मृतक हिंदू लड़की का नाम खुशी था और उसकी उम्र महज 15 साल थी। खुशी की माँ मंजू ने बताया कि 15 जुलाई की रात करीब 10 बजे उनकी बेटी घर के पास की एक दुकान पर दूध लेने के लिए गई थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला 30 साल का शहनवाज वहाँ आ धमका। वह खुशी को बहला-फुसलाकर और जबरन अपने साथ एक पास की बिल्डिंग में ले गया।
आरोप है कि शहनवाज खुशी को खींचते हुए उस इमारत की चौथी मंजिल पर ले गया। वहाँ उसने खुशी के साथ दोबारा बदतमीजी करने की कोशिश की। जब लड़की ने इसका कड़ा विरोध किया, तो गुस्से में आकर शहनवाज ने उसे चौथी मंजिल से सीधे नीचे धक्का दे दिया। खुशी को नीचे फेंकने के तुरंत बाद शहनवाज मौके से फरार हो गया था।
थप्पड़ मारने की रंजिश में ली जान
परिजनों का कहना है कि यह कोई अचानक हुई दुर्घटना नहीं थी, बल्कि सोची-समझी साजिश थी। खुशी की माँ के मुताबिक, शहनवाज पिछले कई हफ्तों से उनकी बेटी का लगातार पीछा कर रहा था। वह आते-जाते खुशी को परेशान करता था और उसके साथ छेड़छाड़ की कोशिश करता था। कुछ दिनों पहले इसी बात को लेकर दोनों के बीच सड़क पर भारी कहासुनी भी हुई थी।
उस कहासुनी के दौरान खुशी ने हिम्मत दिखाते हुए शहनवाज को एक जोरदार थप्पड़ मार दिया था। शहनवाज इस थप्पड़ को बर्दाश्त नहीं कर पाया और इसे अपनी बेइज्जती मान बैठा। वह उसी दिन से खुशी से बदला लेने की फिराक में घूम रहा था। आखिरकार मौका मिलते ही उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम देकर खुशी की जान ले ली।
लोगों ने लहूलुहान देखा, अस्पताल में तोड़ा दम
चौथी मंजिल से नीचे गिरने के बाद खुशी जमीन पर लहूलुहान हालत में पड़ी थी। उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के स्थानीय लोग और उसके परिजन तुरंत मौके पर दौड़े। लोगों ने खुशी को बेहद गंभीर हालत में देखा और आनन-फानन में उसे पास के मीनाक्षी अस्पताल (निजी अस्पताल) लेकर गए। वहाँ लड़की की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी।
डॉक्टरों ने खुशी को प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल में रेफर कर दिया। अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ते हुए आखिरकार गुरुवार (16 जुलाई) को इलाज के दौरान खुशी ने दम तोड़ दिया।
तीन महीने पहले पिता की मौत, अब पुलिसिया कार्रवाई
खुशी का परिवार पिछले दस साल से इलाके में किराए के मकान में रह रहा है। खुशी के पिता मजदूरी का काम करते थे, लेकिन साढ़े तीन महीने पहले ही उनकी मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद माँ और बेटी दूसरों के घरों में काम करके अपना गुजारा चला रही थीं। खुशी की माँ मंजू इसी तरह मेहनत करके अपनी छोटी बेटी और बेटे को पढ़ा रही थीं।
गाजियाबाद पुलिस ने परिवार की लिखित शिकायत पर तुरंत एक्शन लिया और हत्यारे शहनवाज को दबोच लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्यारे को जेल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जाँच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि घटना के वक्त वहाँ कोई और तो मौजूद नहीं था।

