लोकसभा में बुधवार (22 जुलाई) को तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। महिला सांसदों के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने और उनके साथ दुर्व्यवहार के आरोपों के बाद सदन ने उन्हें पूरे मानसून सत्र की बची हुई अवधि के लिए निलंबित कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा लाए गए प्रस्ताव को सदन ने मंजूरी दे दी जिसके बाद स्पीकर ने निलंबन की घोषणा की।
सदन में विवाद के बाद स्पीकर तक पहुँचा मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद कल्याण बनर्जी की एनसीपीआई (NCPI) के कुछ सांसदों के साथ तीखी बहस हो गई। इनमें मिताली बाग, शताब्दी राय और काकोली घोष दस्तिदार भी शामिल थीं। विवाद किस बात से शुरू हुआ, यह स्पष्ट नहीं हो पाया लेकिन बहस के दौरान महिला सांसदों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया।
घटना के बाद काकोली घोष दस्तिदार, शताब्दी राय और एनसीपीआई के अन्य सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिले और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कल्याण बनर्जी ने महिला सांसदों के प्रति असंसदीय भाषा का प्रयोग किया जिससे सदन की गरिमा को ठेस पहुँची।
अर्जुन मेघवाल के प्रस्ताव पर हुई कार्रवाई
मामले को गंभीर मानते हुए केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में कल्याण बनर्जी को पूरे मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव रखा। सदन में प्रस्ताव पारित होने के बाद पीठासीन अधिकारी कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने कहा कि किसी भी महिला सांसद के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती और यह सदन की गरिमा के विपरीत है।
इसके बाद कल्याण बनर्जी को तत्काल प्रभाव से सत्र की बाकी अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया और उन्हें सदन से बाहर जाने के निर्देश दिए गए। इस कार्रवाई के बाद लोकसभा की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।
TMC छोड़कर अलग हो चुके हैं कई सांसद
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद टीएमसी के 20 सांसदों ने नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी थी और NCPI में शामिल हो गए थे। इसके बाद से वे लोकसभा में टीएमसी से अलग बैठते हैं। हाल के दिनों में इन सांसदों ने केंद्र की एनडीए सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति भी समर्थन जताया है।

