बोतलें फेंकी, पत्थर बरसाए, हाथ में लाठी-तलवार लेकर आए: CJP के हिंसक प्रदर्शन में तीसरे दिन भी पुलिस पर हमला, 16 मेट्रो स्टेशन हुए बंद

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 20 जुलाई 2026 के संसद मार्च से छात्रों का आंदोलन हिंसक रूप ले चुका है। पिछले तीन दिन से जंतर-मंतर से लेकर संसद मार्ग पर हिंसा की तस्वीरें सामने आ रही हैं। सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच बुधवार (22 जुलाई 2026) को भी झड़प हुई, जिसमें ACP, इंस्पेक्टर समेत 5 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

प्रदर्शनकारियों की यह भीड़ उग्र हो गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, कनॉट प्लेस में शाम 8.30 बजे हिंसा शुरू हो गई, जिसमें कुछ शरारती तत्वों ने पुलिस पर पत्थर और बोतलें फेंकी। इस हिंसा में कनॉट प्लेस के ACP विवेक भगत घायल हो गए। उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।ब

प्रदर्शनकारियों के हाथ में लाठियाँ-तलवारें, सुरक्षाकर्मियों पर बरसाए पत्थर

पुलिस ने बताया कि कुछ मिनटों तक स्थिति तनावपूर्ण रहा, लेकिन अब हालात शांत हो गए हैं। अधिकारियों ने आगे बताया कि पहले तो सुरक्षाकर्मियों ने शुरू में प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक तितर-बितर होने के लिए मनाने की कोशिश की। लेकिन वे नहीं माने। फिर पुलिस ने CJP के नेतृत्व को बुलाकर शांति बनाए रखने की अपील करने को कहा, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनकी अपील को नजरअंदाज कर दिया।

प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों पर बड़े-बड़े पत्थर बरसाए। पुलिस का कहना है कि कई प्रदर्शनकारियों के पास लाठियाँ भी थीं, जबकि झड़प के दौरान कई लोग तलवारों और खुकरी भी लहरा रहे थे। इसके बाद ही RAF और दिल्ली पुलिस ने सीमित बल का इस्तेमाल किया और इलाके को खाली कराने से पहले आँसू गैस के दो-तीन गोले दागे।

पुलिस ने यह भी बताया कि शाम के समय में प्रदर्शन में अराजक तत्व जुड़ते हैं, जो हिंसा फैलाते हैं। पुलिस ने बताया कि ये अराजक तत्व पुलिस को गाली देते हैं और भड़काऊ नारे लगाते हैं। इसी अराजक तत्वों की भीड़ ने पुलिसकर्मियों को घेरकर बेरहमी से पीटा।

वहीं CJP के प्रमुख अभिजीत दिपके ने पुलिस पर लाठीचार्ज की कार्रवाई करने का दावा करते हुए कहा कि इन पुलिसकर्मियों को वे कोर्ट तक घसीटेंगे।

CJP ने सरकार से मिलने की माँग ठुकराई

तीन दिन से चल रहे इस हिंसक प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने CJP के नेतृत्व से बात करने की माँग की, लेकिन उन्होंने ठुकरा दी। CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि पुलिस ने उन्हें बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा उनसे बात करना चाहते हैं। लेकिन CJP ने माँग को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि वह लोगों के बीच बात करना चाहते हैं।

CJP ने यह भी कहा कि वह सरकार से इस बात की गारंटी चाहती है कि आंदोलन में शामिल होने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई नई FIR दर्ज नहीं की जाएगी और न ही उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

वहीं गुरुवार (23 जुलाई 2026) को CJP ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल के बाहर खुद एक क्षतिग्रस्त कार खड़ी की है। सोशल मीडिया पर CJP ने उसकी तस्वीरें भी शेयर की हैं।

CJP प्रदर्शन का 34वाँ दिन, सेंट्रल दिल्ली में हिंसा के बीच 16 मेट्रो स्टेशन फिर बंद

बता दें कि CJP पिछले महीने 20 जून से NEET पेपर लीक और शिक्षा के अन्य मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। इस प्रदर्शन ने हिंसक मोड़ एक महीने बाद 20 जुलाई को लिया, जब CJP ने संसद मार्च का आह्वान किया था। इस मार्च में पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प भी हुई थी और तभी से लगातार तीन दिन से स्थिति खराब चल रही है।

इसको देखते हुए DMRC ने भी सेंट्रल दिल्ली के मेट्रो स्टेशन बंद करने का फैसला लिया है। गुरुवार (23 जुलाई 2026) को भी 16 मेट्रो स्टेशन को बंद कर दिया गया। इनमें लोक कल्याण मार्च, राजीव चौक, पटेल चौक, रामाकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंबा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम शामिल हैं। लेकिन राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय में इंटरचेंज की सुविधा बरकरार है।